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Sunday, January 1, 2012

HAPPY NEW YEAR---2012

   नववर्ष की  शुभकामना  आगामी  २०१२ आपके लिए  मंगलमय  हो, आपके जीवन में हरपल
 ख़ुशी  आती रहे !

Thursday, December 22, 2011

meen--ka--svbhav

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          राशी के प्रथम चरण में मेष एवं अंतिम चरण में मीन आता है! पूर्वाभाद्रपद के अंतिम चरण से रेवती नक्षत्र
के अंतिम चरण तक मीन राशी बिधमान रहती है! इस राशी का स्वामी गुरु है!
          इस लग्न में जन्म वाला जातक लग्न का स्वामी शुभ होने पर  सुंदर, रूपवान,धनी, ईमानदार अपने कार्य में
निष्ठां रखने वाला एवं कार्य क्षेत्र में माननीय पद पर पहुँचने वाला एवं सीधे स्वभाव वाला जरूरत मंद व्यक्ति की मदद
करने वाला होता है, एवं लेखक या कवि बनाने के योग बनते है! परन्तु लग्न में क्रूर ग्रह स्थित हो, या उसकी द्रष्टि
पड़ रही हो,तो जातक मादक द्रव्य लेने बाला या व्यभिचारी शराबी हो सकता है, अथवा होने के प्रबल योग रहते है!
लेखक, दुसरो की हमेशा सहायता करने वाला, गुप्त बिधा का ज्ञाता, देश भक्ति रखने वाला  व्यक्ति इसी लग्न में
पैदा होता है! इस लग्न के जातक समाज सेवी, राजनीती, तथा स्वास्थ्य सेवा में नर्स की नॉकरी करना ज्यादा पसंद
करते है!
          लग्नेश गुरु  तीसरे भाव में हो, तो भैयो की संख्या ज्यादा एवं बारहवे भाव में हो, तो पिता से सहयोग की सम्भावना बड़ती है!
        मीन लग्न में  उत्पन्न जातक की कुंडली में सातवे भाव में शनी या शुक्र की द्रष्टि पड़ जाये, तो तो पत्नी से तलाक होने संभावना बड़ जाती है!
        मीन लग्न में यदि शुक्र उच्च का हो तो व्यक्ति संगीत में रूचि रखने वाला, कलाकार बनाता है!
         मीन लग्न की कुंडली में मंगल बारहवे भाव में होने पर या उसकी दशा महादशा आने पर  किसी भी विभाग या
   देश का शासक बनाता है! परन्तु यदि शनी की द्रष्टि पड़ रही हो, तो जेल भिजवा सकता है!
         लग्नाधिपति गुरु यदि पंचम भाव में विराजमान हो, तो अनेक प्रकार की यात्रा करवाता है, एवं गुरु महादशा में उच्च पद पर पहुँचाता है!
         इस लग्न में बुध अच्छा नही होता है, इसकी (बुध) की महादशा में स्थान परिवर्तन कराता है! यदि बुध व्यय भाव में बैठा है, तो ग्रहस्थी में स्वास्थ्य खराब, मित्र, परिवार से झगडा करा सकता है!
      मीन लग्न वालो ने पुखराज धारण करना चाहिए!

      इति शुभम  

Tuesday, December 6, 2011

दिसंबर २०११ और आपकी राशी





मेष : मेष राशि वाले जातकों के लिए यह माह सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के योग बनते हैं। नौकरों एवं कर्मचारियों से लाभ ‍मिलेगा। कृषि कार्य लाभ देगा। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते हैं। अग्नि से भय है। हानि की संभावना बनती है। ध्यान दें। दिनांक - 3, 18 शुभ, 11 अशुभ है। विष्णु आराधना लाभप्रद है।

वृषभ : वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह राज्य पक्ष से लाभवाला रहेगा। पत्नी से विशेष लाभ मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को विद्या के क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगी। व्यापार में उन्नति होगी। नौकरी में पदोन्नति के चांस मिलेंगे। पुराने मित्र से व्यवहार ठीक रखें। कृषि सामान्य रहेगी। दिनांक 5, 25 शुभ है, 10,18 अशुभ। श्रीकृष्ण की स्तुति शुभ रहेगी।

मिथुन : मिथुन राशि वाले जातकों के लिए दिसंबर का महीना लाभ देने वाला रहेगा। व्यापार से विशेष लाभ मिलेगा। भूमि क्रय के योग बनते है। शिक्षा ठीक रहेगी। कृषि एवं वाहन से अच्छा लाभ रहेगा। राज्य पक्ष से हानि के योग बन‍ते है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। पत्नी का सहयोग प्राप्त होगा। दिनांक 4, 12 शुभ, 15 अशुभ है। शिव आराधना लाभ देगी।

कर्क : कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह पारिवारिक सुख-समृद्धि वाला रहेगा। राज्य कार्य करने पर अच्छा लाभ मिलेगा। परिवार से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा। मित्रों से व्यवहार में कटुता आ सकती है। कृषि सामान्य रहेगी। दिनांक 6, 15 शुभ, 11 अशुभ है। कृष्ण भक्ति लाभप्रद रहेगी।

सिंह : सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह संतान प्राप्ति वाला रहेगा। शत्रु पक्ष से लाभ प्राप्त होगा। मकान संबंधी समस्या रहेगी। नजदीकी संबंधों में दरार के योग बनते हैं। लंबी यात्रा न करें, हानि के योग बनते हैं। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि लाभप्रद है। नौकरी में उन्नति होगी। दिनांक 1, 10 शुभ है, 6 अशुभ। देवी भक्ति करें।

कन्या : कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्य वाला रहेगा। यात्रा से सुख प्राप्त‍ होगा। बहन के पक्ष से विवाद के योग बनते हैं। पत्नी को कष्‍ट के योग है। दोस्तों से व्यवहार बनाकर रखें। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि सामान्य लाभ देगी। दिनांक 11, 28 शुभ है, 17 अशुभ। शिव शक्ति की आराधना करें।

तुला : तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। सरकारी काम से लाभ मिलेगा। सरकारी ठेकेदारों को विशेष लाभ। बाहरी यात्रा से लाभ की प्राप्ति होगी। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि सामान्य रहेगी। पुराने मित्र से मिलन के योग बनेंगे। दिनांक 10, 18 शुभ एवं 6 अशुभ है। विष्णु आराधना करें।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह पारिवारिक सदस्यों से लाभ वाला रहेगा। विद्या के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि कार्य में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सुधार होगा। राज्य पक्ष से हानि के योग। भाई को कष्ट के योग। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते हैं। दिनांक 4, 16 शुभ, 7, 18 अशुभ। कृष्ण आराधना लाभप्रद है।

धनु : धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह कोई मांगलिक कार्य वाला रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। लंबी यात्रा न करें, बाधा उत्पन्न होगी। स्त्री के पक्ष से हानि की संभावना है। पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ेगा। कृषि लाभ देगी। व्यापार ठीक रहेगा। किसी पुराने मित्र (स्त्री) से धोखा हो सकता है। दिनांक 15, 29 शुभ है। 2 अशुभ है। हनुमानजी की सेवा फलदायी रहेगी। चोला चढ़ा दें।

मकर : मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह पत्नी से लाभ वाला रहेगा। जमीन-जायदाद संबंधी विवाद हो सकते हैं। वाहन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह परिवार से वैमनस्य करा सकता है। धार्मिक यात्रा से सुख प्राप्त होगा। भाई से सहयोग की अपेक्षा, कृषि कार्य से पिता को कष्ट की संभावना है। दिनांक 3, 12 शुभ है, 8 अशुभ। राधाकृष्‍ण की भक्ति लाभप्रद है।

कुंभ : कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह विपक्ष से लाभ वाला रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि से लाभ। परंतु माह खर्चीला रहेगा। स्वास्थ्य नरम-गरम रहेगा। आंख एवं हाथ संबंधी समस्या रहेगी। नौकरी में नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। मित्र से सहयोग मिलेगा। बहन के पक्ष से तकलीफ के योग बनते हैं। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। दिनांक 6, 18 शुभ, 10 अशुभ। रामरक्षा स्त्रोत का पाठ लाभदायक रहेगा।

मीन : मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह भाग्योदय वाला रहेगा। जोखिम भरे कार्य न करें। स्त्री का स्वास्थ्य नरम-गरम रहेगा। व्यापार लाभ देगा। नौकरी में उन्नति होगी। कृषि उत्तम रहेगी। नौकर संबंध‍ी कष्ट हो सकता है। मित्र से पूर्ण सहयोग मिलेगा। दिनांक 1, 4 शुभ 16 अशुभ है। शिवशक्ति की आराधना शुभ है। 

Sunday, December 4, 2011

दिसंबर 2011 : ज्योतिष की नजर से..


ग्रहों का राशियों एवं नक्षत्रों पर परिभ्रमण करना और उनके इस परिभ्रमण से प्रकृति को प्रभावित करना। जीवधारियों पर प्रभाव होना, यह एक शाश्वत सत्य है। इस प्रभाव का असर दिसंबर 2011 में कैसा रहेगा जानिए :-

इस माह मंगल का परिभ्रमण स्वर्ण एवं अन्य धातुओं को महंगा बनाए रखेगा। सूर्य का वृश्चिक राशि में भ्रमण करने से पश्चिम के देशों में सुर्भिक्ष आदि का सुख रहेगा। पूर्व तथा उत्तर के देशों में कष्‍ट के योग बनते हैं। बच्चों के लिए भी कष्ट रहेगा। इसी के साथ दक्षिण के देशों में युद्ध का भय बना रहेगा।

इस माह बुध का वृश्चिक राशि में परिभ्रमण करना सभी अनाजों के भाव को बढ़ाएगा। कृषक के साथ-साथ सभी प्रजा को सुख का अनुभव होगा, क्योंकि फसल भरपूर होगी।
शुक्र भी कृषि पर असर डालेगा एवं अनाजों के भावों में भी तेजी दे सकता है। शनि का भ्रमण इस माह में अनाज के उत्पादन में बढ़ोतरी करेगा। प्रजा सुखी होगी।

ग्रहों की स्थिति एवं माह की ज्योतिष दृष्टि से मीठे पदार्थों के भाव तेज होंगे। भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि अच्छी होगी। भारतीय लोगों का दूसरे देशों में अच्छा प्रभाव होगा। स्वर्ण एवं अन्य धातुओं के भाव मंगल की परिभ्रमण की स्थिति से बढ़ेंगे एवं उतार-चढ़ाव का माह अंत में प्रभाव दिखाई देगा।

बुध का राशि परिभ्रमण का परिवर्तन हाथियों के लिए कष्ट वाला रहेगा। सरकार एवं प्रजा के मतभेद को आमने-सामने खड़ा कर सकता है। अर्थात् प्रजा शासक के विरोध में खड़ी होगी। माह मध्य में शुक्र का राशि परिवर्तन कृषि को हानि पहुंचा सकता है। यह भी अनाज के भाव को तेज करेगा।

इस माह की कुंडली मौसम की दृष्टि से देखे तो, सूर्य के साथ बुध के स्थिर होने एवं सूर्य के आगे शुक्र के होने से कुछ भागों में हल्की बूंदाबांदी के साथ शीत में वृद्धि होगी एवं कुछ भागों में तेज वायु के साथ शीत में वृद्धि होगी। पर्वतीय क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ हिमपात होने की संभावना है।

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड में हल्की बूंदाबांदी के साथ शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा।

Saturday, November 19, 2011

कुम्भ लग्न

kumbh lgan ka vivran

धनिष्ट नक्षत्र के अंतिम दो चरणों ,शतभिषा के पूर्ण चरण  के साथ पूर्ण भद्र पद के तीन चरणों के मध्य कुम्भं राशी बनती है !कुम्भ राशी अपने अप मई एक बलिष्ट राशी है!इस राशी का स्वामी शनि देव है !मकर एवं मीन के मध्य विराजमान है!एवं लगन के बारे मई विस्तृत से जानिए !कुम्भ लग्न मई जन्म लेने वाले के लक्ष्ण निचे दर्शाए है !कुम्भ लग्न हो तो माता का शिर पश्चिम को जीर्ण वस्त्र कुछ काल कम्बल ओदा हो साधारण शित क्रू भोजन किया हो ,पिता घर पर न हो !स्त्रीया ४ ,२ एवं १ स्त्री बाद मे आइ  !   स्त्रियों मे एक गर्भिणी हो !बालक थोडा राये ,बालक के होठ  मोटे ,मस्तक लम्बा प्रकृति गर्म ये सारे लक्ष्ण कुम्भ राशी वाले के होते है !
            इस लग्न वाले के लिए बुध तथा गृह शुभ फलदायक इसके विपरीत चन्द्रमा ,सूर्य ,मंगल तथा गुरु दुःख दायक गृह होते है !इस लग्न मे जन्म  लेने वाले जातक की वृष मिथुन , तुला ,व  मकर राशी वालो से मित्रता  रहती है !परन्तु मेष ,कर्क ,सिह व वृषभ राशी वाले वालो से विरोध रहता है !इस लग्न मे जन्म लेने वाले जातक को कभी कभी पूर्वाभाश हो जाता है !कुम्भ लग्न वाले जातक की कुंडली मे सूर्य,बुध ,तथा गुरु तृतीय भाव मे हो तो सूर्य की महादशा पूर्ण सुख सम्पति देती है !
            कुम्भ लग्न मे शुभ ग्रह होने पर जातक के यजस्वी होने का योग बनता है !एवं नये कार्य व अविष्कार मे सफलता दिलाता है!
            कुम्भ लग्न मे लग्नधिपति शनि तथा धनेश गुरु का परस्पर यदि स्थान परिवर्तन हो तो बृहस्पति की महादशा मे जातक को मिश्रित फल मिलता है!कुम्भ लग्न छठा चंद्रमा हो तो जातक कमजोर होता है !एवं शक्त व नेदा रोगी हो सकता है !एवं दुर्घटना होने का भी रहता है!

Monday, November 14, 2011

जूही चावला

जूही चावला : हैप्पी बर्थ डे...  
मां दुर्गा को श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं
Juhi Chawla


जूही चावला का जन्म 13 नवंबर 1967 को लुधियाना में हुआ। जूही का जन्म जिस समय हुआ तब उत्तराभाद्रपद नक्षत्र चल रहा था। जिसके परिणामस्वरूप ही जूही सुंदर एवं सुखी है। आपके जन्म के समय चंद्र जिस राशि पर विराजमान था उसने भी भाग्यवान और संपन्न बनाया।

चंद्र ने ही जूही को फिल्मी कलाकार बनाया। चंद्र की कुंडली में जो स्थिति है, उसके कारण ही बड़े से बड़ा विरोधी परास्त हो जाता है एवं सफलता आपके कदम चूमती है। कुंडली में बैठा सूर्य आपको आगे की योजना को सुव्यवस्थित करने की प्रेरणा प्रदान करता है। मंगल गुरु की राशि पर विराजमान रहने से आपको प्रसिद्धि दिलाता है। मंगल भी आपको ऐश्वर्यवान बनाता है। साथ ही स्वयं की मेहनत पर भाग्योदय एवं उन्नति होती है, ऐसा प्रभाव छोड़ता है।

कुंडली में बुध जिस भाव में बैठा है वह भाग्योदय तो करता ही है, साथ ही दूसरे ग्रहों के अनिष्ठ प्रभाव को भी खत्म करता है। जूही के जन्म के समय गुरु सिंह राशि पर परिभ्रमण कर रहा था जो उच्च स्थान प्रदान करता है। कुंडली में गुरु की स्थिति वंश का नाम उज्ज्वल करने का भाग्य देती है एवं परोपकारी भी बनाती है। हंसमुख स्वभाव प्रदान करती है। शुक्र मिश्रित फल प्रदान करता है।

जन्मपत्रिका में जन्म के समय शनि जिस राशि पर विराजमान था वह भी सर्वसुख प्रदान करता है एवं‍ विरोधी पक्ष को परास्त करने के गुण प्रदान करता है। राहु स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ दे सकता है। केतु भी स्वास्थ्य की दृष्टि से कष्‍ट दे सकता है। अत: ध्यान देना चाहिए। आपका जन्म शनि की महादशा में हुआ है, जिसका भोग्यकाल 7 वर्ष 3 माह 25 दिन रहा। आपको नौ ग्रहों की शांति करवाना ‍चाहिए त‍था मां दुर्गा को पूर्ण श्रृंगार सामग्री चढ़ाना लाभदायी रहेगा।

आगामी दिसंबर माह आपके लिए ठीक रहेगा। जनवरी 2012 अच्छा रहेगा। फरवरी, मार्च संघर्ष वाला रहेगा। मई के अंतिम सप्ताह में हल्की चोट या दुर्घटना के योग बनते है, ध्यान दें। जून व जुलाई अच्छा रहेगा एवं 2012 में बड़े ऑफर मिलते रहेंगे। अगस्त-सितंबर सामान्य रहेगा। अक्टूबर सामान्य, लेकिन अंतिम सप्ताह अच्छा रहेगा।

आपको किसी की माह की 5 तारीख को बड़े अधिकारियों से नहीं मिलना चाहिए। शुक्रवार को लंबी यात्रा नहीं करनी चाहिए। आश्लेषा नक्ष‍त्र में किसी बड़े ऑफर पर साइन न करें। चतुर्थ प्रहर में अपने अच्छे कार्य के लिए कम निकलें। पन्ना एवं नीलम का संयुक्त लॉकेट धारण करना फलदाई रहेगा।

इति शुभम्।।

Wednesday, November 9, 2011

लालकृष्ण आडवाणी

लालकृष्ण आडवाणी : वाणी पर रखें नियंत्रण  
लालकृष्ण आडवाणी : हैप्पी बर्थ डे
LK Advani

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 में पाकिस्तान में हुआ। उनके जन्म के समय आश्विनी नक्षत्र चल रहा था। इस प्रभाव से आडवाणी भाग्यशाली, कुशल, सफल एवं आर्थिक संपन्न है। भारी शरीर भी नक्षत्र का ही असर है।

आडवाणी की पत्रिका के अनुसार जन्म के समय चंद्र की स्थिति भागदौड़ कर लाभ कमाने वाला बनाती है। साथ ही लोभी स्वभाव का भी बनाती है। मंगल की स्थिति के कारण ही लालकृष्ण प्रबल पराक्रमी होते हुए भी कार्यों की विफलता के कारण दुखी एवं चिंतित रहते हैं।

जन्म के समय में गुरु मीन राशि पर परिभ्रमण कर रहा था। गुरु के कारण आडवाणी आज पार्टी के विशेष पद पर विराजमान है।

कुंडली में बैठे शुक्र क‍ी स्थिति हर सुख प्रदान करती है। यही स्थिति क्रीड़ा कौतुक पसंद करने वाला भी बनाती है। शुक्र के कारण ही कई बार आडवाणी अपने बयानों के कारण विवादों में आ जाते हैं। अपने गुण व कीर्ति का ह्रास करते है, पार्टी के खास और नज‍दीकी लोगों को अपना बैरी बना लेते हैं। अत: आडवाणी को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

कुंडली में शनि की स्थिति आडवाणी को कटुभाषी बनाती है। राहु का प्रभाव आपको वायु एवं रक्त संबंधी तकलीफ दे सकता है।

लालकृष्ण आडवाणी को वर्तमान में शनि की महादशा चल रही है। इसकी अवधि 19 वर्ष है। यह 20-10-2009 से आरंभ हुई है और 20-10-2028 तक रहेगी। शनि की महादशा में वर्तमान बुध की अंतर्दशा 19-9-2011 से 20-5-2014 तक रहेगी। इसके बाद केतु की अंतर्दशा भी 20-5-2014 से 6-6-2015 तक रहेगी।

लालकृष्ण आडवाणी के लिए शनिवार का दिन विशेष शुभ है। शनिवार को लालकृष्ण आडवाणी सर्वोच्च कार्य करें तो सफलता दिलाएगा। नवंबर-दिसंबर का माह ठीक रहेगा। जनवरी 2012 से मार्च तक आपत्तिवाला समय रहेगा। विपक्षी दल एवं स्वयं की पार्टी का विरोध हो सकता है। अप्रैल 2012 में स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। मई-जून ठीक रहेगा। जुलाई, अगस्त, सितंबर अच्छा रहेगा।

Monday, November 7, 2011

मलाइका अरोरा खान :

मलाइका अरोरा खान : हैप्पी बर्थ डे  
लाभदायी रहेगा माणिक धारण करना
Malaika


मलाइका अरोरा का जन्म 23 अक्टूबर 1973 में मुंबई में हुआ। मलाइका के जन्म के समय उत्तराफाल्गुनी नक्ष‍त्र चल रहा था जो कि आपको आर्थिक संपन्न कराता है। साथ ही आपका जो स्वभाव है वो भी इस नक्षत्र का ही असर है। जन्म के समय सूर्य की राशि मलाइका को घमंडी स्वभाव का बनाती है, अत: ध्यान देना चाहिए।

कुंडली में सूर्य की स्थिति भाग्य में वृद्धि करत‍ी है। आपके जन्म के समय चंद्र सिंह राशि पर परिभ्रमण कर रहा था, जो कि सूर्य की राशि है। वह आपको मानी, सुखी एवं अपने विवेक से निर्णय वाला बनाता है। परंतु कुंडली में चंद्र की स्थिति नीरस एवं शुष्क बना सकती है।

आपकी पत्रिका में मंगल स्वराशि पर विराजमान होने से भ्रमणशील स्वभाव प्रदान करता है। कुंडली में बैठा बुध पराक्रमी एवं सर्वसुख प्रदान करता है। कुंडली में गुरु जिस भाव में बैठा है वह भी भाग्यशाली बनाता है। ऐसे व्यक्ति को उन्नति में अड़चने तो आती है, परंतु गुरु के प्रभाव से मार्ग खुलता चला जाता है।

शुक्र आपके जन्म के समय मंगल की राशि पर परिभ्रमण कर रहा था, जो कि अपने वालों से विरोध करा सकता है।

पत्रिका में शनि जिस राशि पर विराजमान है, वह शनै: शनै अच्छी स्थिति पर पहुंचाएगा एवं अपने क्षेत्र में उच्च स्थान दिलाएगा। राहु एवं केतु मिश्रित फल प्रदान करते है। पारिवारिक कष्ट भी दे सकते है।

आपका जन्म सूर्य की महादशा में हुआ है जिसका भोग्यकाल 5 वर्ष 4 माह 5 दिन रहा। वर्तमान में राहु की महादशा चल रही है जो कि 2014 तक रहेगी। राहु क‍ी महादशा में चंद्र की अंतर्दशा 10-8-2011 से 10-2-2013 तक रहेगी। उसके बाद मंगल की अंतर्दशा 28-2-2014 तक रहेगी। सूर्य की महादशा के बाद गुरु की महादशा प्रारंभ हो जाएगी, जो 28-2-2014 से 28-2-2030 तक रहेगी।

आपके लिए नवंबर माह मध्यम रहेगा। दिसंबर का समय श्रेष्ठ रहेगा। आगामी 3 माह नए कार्य व उन्नति के रहेंगे। अप्रैल सामान्य रहेगा। मई में कुछ तकलीफ आ सकती है। जून-जुलाई श्रे‍ष्ठ रहेगा। अगस्त सितंबर मध्यम रहेगा।

आपको माणिक धारण करना लाभदायक रहेगा तथा गुरुवार को अधिक से अधिक महत्व देना चाहिए। इस दिन सारे काम सफल होंगे। सफेद व हरे वस्त्र धारण करना आपके लिए शुभ रहेगा।

Friday, November 4, 2011

नवम्बर २०११ क्या कहती है आपकी राशी

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- पं. सुरेंद्र बिल्लौरे
November 2011, Rashifal

मेष : मेष राशि वाले जातकों के लिए यह माह विदेश यात्रा वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। पत्नी से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। संतान की प्राप्ति एवं संतान संबंधी चिंता रहेगी। पुराने मित्र से मिलन होगा। कृषि सामान्य रहेगी। व्यापारी प्रसन्न रहेंगे। नौकरी वालों की उन्नति होगी। दिनांक 5, 15 शुभ है। 8 अशुभ। दुर्गा स्तुति शुभ है।

वृषभ : वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह भूमि से लाभ वाला रहेगा। वाहन से भी लाभ मिलने के योग बनते हैं। पत्नी से आर्थिक लाभ मिलेगा। ‍किसी भी प्रकार के हानि वाले कार्य न करें। जुआ, सट्‍टा, लॉटरी आदि कामों से दूर रहे। पुत्र से प्रसन्न होंगे। रिश्तेदारों से मिलनसार व्यवहार रखें। दिनांक 9, 23 शुभ है। 8 अशुभ। श्रीराम स्तुति लाभप्रद है।

मिथुन : मिथुन राशि वाले जातकों के लिए नवंबर का माह शासकीय कार्यों में सफलता वाला रहेगा। आय में कमी के योग है। शत्रु पक्ष पराजित होगा। नौकरी वालों की पदोन्नति होगी। परिवार में मांगलिक कार्य होगा। पास-पड़ोसी से मनमुटाव के योग बनते हैं। किसी व्यक्ति से धोखा मिल सकता है। कृषि कार्य लाभप्रद रहेगा। व्यापार ठीक है। दिनांक 4 शुभ। 3,14 अशुभ है। श्रीकृष्ण भक्ति लाभप्रद है।

कर्क : कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह पदो‍न्नति वाला वाला रहेगा। भूमि की प्राप्ति होगी। साथ ही वाहन के योग है। राजनैतिक सम्मान मिलेगा, परंतु क्रोध पर नियंत्रण करें, हानि हो सकती है। मानसिक बैचेनी रहेगी। दिनांक 8, 16 शुभ है। 10 अशुभ। राम-सीता की भक्ति करें।

सिंह : सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह शत्रु पर विजय प्राप्ति वाला रहेगा। नौकरी वालों की पदो‍न्नति होगी। पत्नी से, ससुराल से धन लाभ मिलेगा। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार भी सामान्य रहेगा। कृषि से लाभांश होगा। लंबी यात्रा न करें। पुत्र से परेशानी आ सक‍ती है। दिनांक 4, 12 शुभ है। 6 अशुभ। शिवशक्ति की आराधना करें, लाभप्रद है।

November 2011, Rashifal
कन्या : कन्या राशि वाले जातकों के लिए इस माह धर्म-कर्म से लाभ मिलेगा। व्यापार में अच्छा फायदा होगा। राज्य से सम्मान एवं लाभ मिलेगा। घर में उत्साह का माहौल रहेगा। परंतु पत्नी को कष्ट के योग है, ध्यान दें। भाई से अच्छा सहयोग मिलेगा। पुराने मित्र से मिलने के योग है। कृषि से लाभ मिलेगा। नौकरी में अधिकारी से थोड़ी झड़प हो सक‍ती है। दिनांक 15, 28 शुभ है। 9 अशुभ है। रामभक्ति लाभप्रद है।

तुला : तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह नए वाहन क्रय वाला रहेगा। भूमि की खरीदी के योग है। घर में धार्मिक आयोजन के योग है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। मानसिक प्रसन्नता रहेगी। श‍त्रु पक्ष घबराएगा। पड़ोसी से मानसिक तनाव हो सकता है। नौकरी वालों की उन्नति होगी। कृषि लाभ मिलेगा। व्यापार अच्छा रहेगा। दिनांक 16, 21 शुभ 3 अशुभ है। कृष्ण भक्ति करें।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह पारिवारिक खुशी वाला रहेगा। प‍त्नी पक्ष से सुख मिलेगा। जमीन से लाभ मिलेगा। लंबी यात्रा न करें। हानि के योग बनते है। स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी। आर्थिक व्यय ज्यादा होगा। बहन को कष्ट के योग बनते है। माता-पिता की चिंता रहेगी। दिनांक 5, 17 शुभ। 11, 24 अशुभ है। गायत्री मंत्र लाभप्रद रहेगा।

धनु : धनु राशि वालों के लिए नवंबर माह पत्नी से लाभ वाला रहेगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। व्यापार ठीक रहेगा। परिवार में धन को लेकर विवाद हो सकत‍ा है। दुर्घटना का भय है, पैर संबंधित चोट हो सकत‍ी है, ध्यान दें। मित्र से सहयोग मिलेगा। शत्रु पराजित होंगे। दिनांक 6, 19 शुभ। 25 अशुभ है। शिवशक्ति की आराधना करें।

मकर : मकर राशि वालों के लिए यह माह शासकीय कार्य से धन लाभ होगा। यात्रा सावधानी से करें, कष्ट के योग है। परिवार में विवाद की स्थिति रहेगी। पत्नी को कष्ट हो सकता है। शत्रु पक्ष से सावधान रहें। हानि पहुंचा सकता है। किसी नारी से सहयोग मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग है। क‍ृषि लाभांश होगा। दिनांक 1, 24 शुभ है। 5 अशुभ है। कृष्‍ण भक्ति लाभप्रद है।

कुंभ : कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह नौकरी में पदोन्नति वाला रहेगा। पारिवारिक कार्यों में धन खर्च होगा। स्वयं का स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। परिवार में विरोध का सामना करना पड़ सकता है। शत्रु पराजित होंगे। मित्र से सहयोग मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि लाभ व हानि बराबर रहेगी। दिनांक 3, 10 शुभ है। 9 अशुभ। राम आराधना करें।
मीन : मीन राशि वाले जातकों को नवंबर माह मिश्रित फल वाला रहेगा। कृषि सामान्य रहेगी। व्यापारी परेशान रहेंगे। अनिष्टकारक स्थिति रहेगी। बुद्धिनाश के योग। शत्रु प्रबल हो सकते है, ध्यान दें। सावधानी भी रखें। परिवार में धन को लेकर विवाद रहेगा। परिवार से भय रहेगा। पुराने मित्र से सहयोग मिलेगा। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। स्त्री कष्‍ट होगा। दिनांक 3, 18, 25 शुभ है। 2, 11 अशुभ। गणेश व गायत्री मंत्र का जप लाभप्रद है। 

नवम्बर २०११ ज्योतिष की नजर से

प्रकृति, मनुष्य जीवन पर एवं अन्य जीवधारियों पर नौ ग्रहों के राशि परिवर्तन अथवा नक्षत्र परिवर्तन से प्रभाव पड़ता है। देखें नवंबर माह में ग्रहों के देश और समाज पर प्रभाव!

सूर्य का तुला राशि में परिभ्रमण करने से पूर्व के देशों में सुख, दक्षिण एवं पश्चिम के देशों में दुर्भिक्ष का भय, उत्तर के देशों में युद्ध का भय रहेगा। इस माह मंगल का सिंह राशि में परिभ्रमण करने से स्वर्ण, चांदी, तांबा, लाल रंग की वस्तुएं महंगी हो सकती है।

नवंबर माह में बुध का वृश्चिक राशि में परिभ्रमण करने से घी-तेल के भावों में तेजी आएगी एवं धान्य का सुख मिलेगा। प्रजा सुखी रहेगी। शांति का माहौल रहेगा।

India, November 2011
नवंबर माह में शुक्र राशि परिवर्तन कर वृश्चिक राशि में परिभ्रमण करने से सभी अनाजों के भाव सस्ते होंगे। शांति होगी, सब लोग सुखी एवं निर्भय होंगे। स्थायित्व रहेगा। शनि का भी राशि परिवर्तन करने से धान्य का अच्छा उत्पादन कराएगा। देश में एवं पृथ्वी पर शांति उत्पन्न कराएगा। किसी भी राज्य में सत्ता परिवर्तन के योग बनते हैं।

शुक्र अपनी राशि परिवर्तन कर 11 नवंबर को धनु राशि में प्रवेश कर रहा है। फलस्वरूप सभी अनाजों के भाव बढ़ेंगे। इसका असर कृषि पर भी पड़ेगा। गेहूं की स्थिति में वृद्धि का रुख होगा। लोहा विशेष महंगा होगा। शक्कर के भाव के साथ ही रस वाले पदार्थ के भी भाव तेजी बनाए रखेंगे। भार‍त की छवि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी। भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में प्राकृतिक प्रकोपों से जन-धन की हानि बढ़ेगी।

इस माह की कुंडली में मौसम का पूर्ण परिवर्तन दिखाई देगा, कहीं-कहीं बूंदाबांदी होगी। कहीं-कहीं तेज वायु का प्रकोप रहेगा। हिमाचल, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर एवं मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर बढ़ेगी। कहीं-कहीं आंशिक तापमान रहेगा। देश में प्राकृतिक प्रकोप के संकेत‍ रहेंगे।