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Tuesday, September 11, 2012

श्रेया सरन : हैप्पी बर्थ डे.

श्रेया सरन : हैप्पी बर्थ डे...
शनि देता है श्रेया को सुख
Shreya Saran (16441) size:1024x768
श्रेया सरन के जन्म के समय जो नक्षत्र चल रहा था, उसने श्रेया को चतुर एवं चंचल बनाया। कुंडली में सूर्य की स्थिति श्रेया को दीर्घ-सूत्री बनाती है, चन्द्र सुन्दर-रूपवान एवं आर्थिक संपन्न बनाता है।

श्रेया के जन्म के समय मंगल कन्या राशि पर विराजमान था, जो श्रेया को अपने कार्य के प्रति कृतज्ञ बनाता है एवं सम्मान दिलाता है। कुंडली में बुध की स्थिति श्रेया को पराक्रमी बनाती है, साथ ही साथ कोमल शरीर वाला बनाता है। जन्म के समय गुरु तुला राशि पर परिभ्रमण कर रहा था, जिसने श्रेया को आर्थिक सुखी बनाया है।

गुरु की कुंडली में स्थिति के कारण श्रेया बुरे के साथ बुरा एवं अच्छे के साथ अच्छा व्यवहार करती है। शुक्र के प्रभाव के कारण श्रेया को मोहक शरीर प्राप्त हुआ। शुक्र ने जीवन सुखी बनाया। शनि भी श्रेया को सुख देता है, राहु-केतु की स्थिति श्रेया को दुखी कर सकती है, अत: राहु-केतु की शांति करना चाहिए।

श्रेया का जन्म मंगल की महादशा में हुआ है, जिसका भोग्यकाल 4 वर्ष 4 माह रहा। वर्तमान में गुरु की महादशा चल रही है, जोकि 22.01.2005 से प्रारंभ हुई है एवं 22.01.2021 तक चलेगी। गुरु की महादशा में 28.12.2011 से केतु की अन्तर्दशा चल रही है, जो 04.12.2012 तक चलेगी।

उसके बाद शुक्र की अन्तर्दशा रहेगी। गुरु की महादशा में केतु की अन्तर्दशा एवं केतु की अन्तर्दशा में 23.08.2012 से शनि की प्रत्यंतर दशा चल रही है, जो 16.10.2012 तक रहेगी।

श्रेया का अक्टूबर 2012 ठीक रहेगा, नवंबर-दिसंबर मध्यम रहेगा। जनवरी 2013 सफलता वाला रहेगा, फरवरी-मार्च 2013 सामान्य रहेगा। अप्रैल एवं मई माह करियर में नए ऑफर वाले रहेंगे। जून-जुलाई फिर सफलता दिलाएंगे। अगस्त 2013 मिश्रित फल वाला रहेगा।

श्रेया ने लाल रंग को अधिक पहनना चाहिए, शुभ है। श्रेया को गोमेद नग धारण करना चाहिए। इसके साथ ही मंगल की शांति करना चाहिए, जिससे आगे अच्छी सफलता मिलेगी।

Thursday, September 6, 2012

तिलक क्यों लगाना चाहिए ?

तिलक क्यों लगाना चाहिए ?

भारतीय संस्कृति में प्रत्येक मनुष्य अपने धर्म को बड़े विस्वास एवं आस्था के साथ निभाता है! हिन्दू पूजा करते समय या कहीं जाते समय अवस्य तिलक लगता है! महिलाये भी सुहाग के प्रतीक चिन्ह हेतु तिलक लगाती है! महिलाये लाल तिलक ही लगाती है क्योकि पति जाते समय उस तिलक को देखकर जाता है, जो सूर्य की लालिमा का प्रतीक होता है,एवं तिलक को देखकर पति को ये प्रेरणा मिलती है कि आज का दिन सूर्य कि लालिमा जैसा ( सुखमय ) रहें! एवं हर मांगलिक कार्य,शादी-विवाह,धार्मिक आयोजन,सामाजिक आयोजन में व्यक्ति तिलक लगाकर जाता है !
किसी आयोजन में आने वाले व्यक्ति का स्वागत-सत्कार हम तिलक लगाकर ही करते है! विशेषकर शादी-विवाह में बहन-बेटी या सुहागन आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत तिलक लगाकर करती है! विशेषकर यह प्रथा मध्यप्रदेश में मालवा एवं निमाड़ में यह प्रथा आज भी है!



तिलक मस्तक पर दोनों भौंहों के बीच नासिका के ऊपर प्रारंभिक स्थल पर लगाए जाते हैं जो हमारे चिंतन-मनन का स्थान है- यह चेतन-अवचेतन अवस्था में भी जागृत एवं सक्रिय रहता है, इसे आज्ञा-चक्र भी कहते हैं।

इसी चक्र के एक ओर दाईं ओर अजिमा नाड़ी होती है तथा दूसरी ओर वर्णा नाड़ी है।

इन दोनों के संगम बिंदु पर स्थित चक्र को निर्मल, विवेकशील, ऊर्जावान, जागृत रखने के साथ ही तनावमुक्त रहने हेतु ही तिलक लगाया जाता है।

इस बिंदु पर यदि सौभाग्यसूचक द्रव्य जैसे चंदन, केशर, कुमकुम आदि का तिलक लगाने से सात्विक एवं तेजपूर्ण होकर आत्मविश्वास में अभूतपूर्ण वृद्धि होती है, मन में निर्मलता, शांति एवं संयम में वृद्धि होती है।

सितंबर 2012 : ज्योतिष की नजर से

सितंबर 2012 : ज्योतिष की नजर से


सितंबर में सूर्य का परिभ्रमण पूर्व के देशों में सुख प्रदान करेगा। दक्षिण एवं पश्चिम के देशों में घटना-दुर्घटनाएं बनी रहेगीं। उत्तर के देशों में युद्ध का भय बना रहेगा।

मंगल के तुला राशि पर परिभ्रमण से सभी धान्य महंगे होंगे एवं उड़द, मूंग, सूत, कपास आदि वस्तु विशेष महंगे होंगे। बुध के परिभ्रमण से धान्यों के भाव में स्थिरता आएगी। शुक्र के परिभ्रमण से धान्यों के सस्ते होने की संभावना हैं।

शनि के कारण देश में राजनीतिक लोगों पर विपत्ति आएगी। 18 सितंबर को सूर्य का राशि परिवर्तन करके कन्या राशि में भ्रमण करने से दक्षिण के देशों में सुख आएगा। पश्चिम एवं उत्तर के देशों में अशांति-पीड़ा रहेगी।

पूर्व के देशों में संकट का वातावरण रहेगा। 15 सितंबर को बुध का सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करने से सोने एवं शक्कर के व्यापारियों को लाभ मिलेगा। इनके भाव में तेजी आएगी। शुक्र का राशि बदलकर सिंह राशि में परिभ्रमण करने से स्वर्ण, लाल वस्तुएं, पशु व धान्य के भाव बढ़ेंगे, परंतु वर्षा कम होगी।

इस माह की कुंडली को आकाशीय दृष्टि से देखे तो, सूर्य-बुध के साथ में रहने से कहीं अच्छी कहीं कम वर्षा होगी। शुक्र के कारण खंड एवं कहीं कम वर्षा होगी।

दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उ.प्र., उत्तराखंड, गुजरात, उड़ीसा, कर्नाटक, गोवा, असम, पंजाब, हिमाचल में कहीं अच्छी-कहीं खंड वर्षा होगी।

सितंबर 2012 : 12 राशियों का फलादेश





मेष- मेष राशि वाले जातकों के लिए यह माह स्थान-परिवर्तन वाला हो सकता है। कृषि कार्य में मध्यम लाभ मिलेगा। व्यापार में परेशानी आ सकती है। सहयोग में कमी रहेगी। मेहनत अधिक आय कम रहेगी। यात्रा में परेशानी आ सकती है। अत: जरूरी कार्य आने पर ही यात्रा करें। मित्र से सहयोग मिलेगा।
दि. 2,16 शुभ है, 5,13 अशुभ है। श्री कृष्ण-आराधना लाभप्रद है

वृषभ- वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह कानूनी (न्यायलय संबंधी) लाभ वाला रहेगा। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आ सकती है। कृषि लाभप्रद रहेगी। व्यापार मध्यम रहेगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। किसी अनजान से दोस्ती न करें।
दि. 6.12 शुभ है, 23 अशुभ है। श्री गणेश आराधना लाभप्रद है।

मिथुन- मिथुन राशि वाले जातकों के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि सामान्य लाभ देगी। विद्यार्थी वर्ग को तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। व्यर्थ कार्यों पर धन व्यय होगा। अचानक हानि के योग है। पुराने मित्र से अनबन के योग है, ध्यान रखें।
दि. 6, 25 शुभ है, 17 अशुभ है। गुरु आराधना लाभप्रद है।

कर्क- कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्य वाला रहेगा। विद्यार्थी के लिए कष्टप्रद रहेगा। माता को कष्ट रहेगा। भूमि संबंधित हानि होगी। आय कम खर्च अधिक रहेगा। अचानक सामजिक यात्रा के योग बनेंगे। इस माह किसी अनजान से दोस्ती के योग है। अत: सोच-समझ कर दोस्त‍ी करें, उससे हानि हो सकती है।
दि. 7,15 शुभ है, 4 अशुभ है। श्री शिव जी की आराधना लाभप्रद रहेगी।
सिंह- सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। कृषि में उन्नति रहेगी। भाई से सहयोग मिलेगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। स्त्री को कष्ट हो सकता है। ससुराल से परेशानी हो सकती है।
दि.11, 22 शुभ है, 17 अशुभ है। गणेश जी की आराधना लाभप्रद है

कन्या- कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह यात्रा में लाभ वाला रहेगा। स्थान-परिवर्तन के योग है। इससे लाभ मिलेगा। संतान की उन्नति होगी। स्वयं पर खर्च अधिक होगा। कृषि लाभप्रद रहेगी। नौकरी में अड़चन रहेगी। मित्र द्वारा खुशी प्राप्त होगी। राजनैतिक कार्य में लाभ होगा।
दि.18, 27 शुभ है, 24 अशुभ है। गणेश, गौरी की आराधना करें

तुला- तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह आर्थिक उन्नति वाला रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। कृषि अच्छा लाभ देगी। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है। ध्यान रखें। पुराने मित्र से मनमुटाव के योग है। कानूनी उलझन से बचें। माता-पिता को कष्ट रहेगा।
दि. 3, 12 लाभप्रद है 7 अशुभ है। राधा-कृष्ण आराधना लाभप्रद है

वृश्चिक- वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार से लाभ वाला रहेगा। कृषि मध्यम रहेगी। नौकरी में उन्नति होगी। संतान की चिंता रहेगी। मानसिक परेशानी रहेगी। स्त्री द्वारा सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक क्लेश रहेगा। मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। धार्मिक यात्रा के योग है।
दि. 1, 25 शुभ है, 8 अशुभ है। श्री कृष्ण आराधना लाभप्रद है।


धनु- धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। कृषि मध्यम रहेगी। नौकरी में उन्नति होगी। स्त्री को कष्ट रहेगा। माता-पिता को कष्ट रहेगा। विद्यार्थी को सफलता में तकलीफ आएगी, मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे।
दि. 9, 18 शुभ है, 3 अशुभ है। श्री-राम स्तुति लाभप्रद है।

मकर- मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह लाभ वाला रहेगा। भूमि संबंधी विवाद हल होगा। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि लाभ देगी। नौकरी में उन्नति होगी। संतान से चिंता रहेगी। भाई से सहयोग प्राप्त होगा। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मित्र सहयोग मिलेगा।
दि. 3, 15 शुभ है,19 अशुभ है। शिव आराधना लाभप्रद है।

कुंभ- कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह धार्मिक वाला रहेगा। कृषि लाभप्रद रहेगी, नौकरी में तकलीफ आएगी। माता-पिता से विरोध के योग है। परन्तु अचानक लाभ के योग है। बेरोजगार को नौकरी मिलगी। संतान से खुशी प्राप्त होगी।
दि. 6,18 शुभ है। गणेश आराधना लाभप्रद है

मीन- मीन राशि वाले जातकों के लिए जातकों के लिए यह माह सामान्य रहेगा। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि सामान्य लाभ देगी। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। प्रवास में पीड़ा रहेगी। स्वास्थ्य खराब रहेगा। शत्रु भय बना रहेगा। बहन को कष्ट के योग है। पत्नी से सहयोग प्राप्त होगा।
दि.14, 26 शुभ है, 13 अशुभ है। श्री राधा-कृष्ण की आराधना लाभप्रद है।

Thursday, August 9, 2012

श्रीकृष्ण आराधना : राशि के अनुसार कैसे करें पूजा



भगवान विष्णु देवकी के गर्भ से भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रात्रि 12.00 बजे भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया था। इस दिन को इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

यदुनंदन, कृष्ण, माधव, गोपाल, मुरलीवाला, गोवर्धनधारी, नंदलाल, बृजकिशोर, माखनचोर, केशव, देवकीनंदन, मुरलीमनोहर ऐसे नाना प्रकार के नामों से पुकारे जाने वाले राधाप्रिय-कृष्ण की जन्माष्टमी पर भक्ति करने से कई जन्मों के पाप उतर जाते है एवं मनुष्य विष्णु लोक को जाता है।

इस दिन की गई भक्ति अश्वमेघ-यज्ञ के समान होती है। कलयुग में तप से ज्यादा महत्व भक्ति का है। प्रभु के नाम मात्र से मनुष्य इस जन्म का उद्धार कर सकता है।

जन्माष्टमी के दिन अपनी राशि अनुसार जपे मंत्र -

1. मेष- मेष राशि वाले जातक कृष्ण-जन्माष्टमी के दिन कृष्ण के इस मंत्र का जप करें- 'ॐ कमलनाथाय नम:।'

2. वृषभ- वृषभ राशि वाले जातक इस दिन प्रभु की भक्ति में कृष्ण-अष्टक का पाठ करें।

3. मिथुन- मिथुन राशि वाले जातक इस दिन प्रभु को तुलसी चढ़ाएं एवं 'ॐ गोविन्दाय नम:' मं‍त्र का जाप करें।

4. कर्क- कर्क राशि वाले जातक इस दिन प्रभु को सफेद गुलाब चढ़ाएं एवं राधाष्टक का पाठ करें।

5. सिंह- सिंह राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के 'ॐ कोटि-सूर्य-समप्रभाय नम:' का जाप करें।

6. कन्या- कन्या राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के बालरूप का स्मरण कर 'ॐ देवकी-नंदनाय नम:' का जाप करें।

7. तुला- तुला राशि वाले जातक इस दिन प्रभु लीलाधर का स्मरण कर 'ॐ लीला-धराय नम:' का जाप करें।

8. वृश्चिक- वृश्चिक राशि वाले जातक इस दिन प्रभु वराह का स्मरण कर 'ॐ वराह नम:' का जाप करें।

9. धनु- धनु राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के गुरु रूप का स्मरण कर 'ॐ जगद्‍गुरुवे नम': का जाप करें।

10. मकर- मकर राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के सुदर्शनधारी रूप का स्मरण कर 'ॐ पूतना-जीविता हराय नम:' का जाप करें।

11. कुंभ- कुंभ राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के दया रूप का स्मरण कर 'ॐ दयानिधाय नम:' का जाप करें।

12. मीन- मीन राशि वाले जातक इस दिन प्रभु के नटखट रूप का स्मरण कर 'ॐ यशोदा-वत्सलाय नम:' का जाप करें।

इस प्रकार प्रभु के नाम का जाप अनन्य कोटि फल देगा एवं प्रभु हर मनोरथ को पूर्ण करेंगे।

Tuesday, August 7, 2012

कैसे करे जन्म-अष्टमी पर पूजन

 photos   कैसे करे जन्म-अष्टमी  पर पूजन --->जब भी  धर्म का पतन हुआ है और धरती पर असुरों के अत्याचार बढ़े हैं तब-तब भगवान ने पृथ्वी पर अवतार लेकर सत्य और धर्म की स्थापनकी है।

भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि कअत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था कृष्ण के जन्म उत्सव कैसे-------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------

कैसे करें व्रत-पूजन :

- उपवास की पूर्व रात्रि को हल्का भोजकरें और ब्रह्मचर्य का पालन करें

के दिन प्रातःकाल स्नानादि नित्यकर्मों से निवृत्त हो जाएं। पश्चात सूर्य, सोम, म, काल, संधि, , पवन, दिक्‌पति, भूमि, आकाश,  और ब्रह्मादि को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर मुबैठें

- इसके बाद जल, ल, कुश और गंध लेकसंकल्प करें :
ममखिलपापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्सिद्धय
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतमहकरिष्ये

अब मध्याह्न के समय काले तिलों कजल से स्नान कर देवकीजी के लिए 'सूतिकागृह' नियत करें

- तत्पश्चात भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें

- मूर्ति में बालक श्रीकृष्ण कस्तनपान कराती हुई देवकी हों,अथवा ऐसे भाहो

- इसके बाद विधि-विधान से पूजकरें

- पूजन में देवकी, वासुदेव, बलदेव, नंद, यशोदा इन सबका नाम क्रमशः निर्दिष्ट करनचाहिए

फिर निम्न मंत्र से पुष्पांजलि अर्पकरें :-
'प्रणमदेव जननी त्वया जातस्तु वामनः
वसुदेवात तथा कृष्णो नमस्तुभ्यं नमनमः
सुपुत्रार्घ्यं प्रदत्तं मेगृहाणेमं नमोऽस्तुते।'




Saturday, August 4, 2012

अगस्त २०१२ ज्योतिष की नजर से






अगस्त २०१२ ज्योतिष की नजर से -->इस माह में पाँच गुरुवार होने से देश में विग्रह,अशांति होने का भय है! इस मास में पाँच शुक्र भी है, इसके फलस्वरूप कुछ भागो में सुख-शांति एवं कुछ भांगो में भूकंम्प आदि प्राकृतिक प्रकोंपो से लोगो को कष्ट,ईशान देश का भंग,अन्न के भावो में तेजी तथा अग्नि का भय होगा! अगस्त माह में ग्रहों के परिभ्रमण पर द्रष्टि डाले, तो सूर्य चन्द्र की राशि कर्क में भ्रमण करने से उत्तर के देशो में सुख एवं प्रसन्नता रहेगी,पूर्व तथा दक्षिन के देशो में अशांति रहेगी,पश्चिम के देशो में युध्द आदि का भय रहेगा! मंगल के परिभ्रमण से लाल वस्तु का भाव तेज बना रहेगा इसी के साथ कपड़े के भाव में तेजी आएगी.बुध के कारण प्रजा को कष्ट रहेगा,शुक्र के बुध की राशि मिथुन पर परिभ्रमण करने से गेंहू,चावल,चने के भाव में विशेष तेजी आएगी.शनि का मिश्रित प्रभाव रहेगा. अगस्त मध्य में सूर्य का राशि परिवर्तन कर सिंह राशि में प्रवेश करने से पूर्व के देशो में शांति आएगी,उत्तर के देशो में युध्द आदि का भय रहेगा,दक्षिन एवं पश्चिम के देशो में दुर्भिक्ष का भय रहेगा!  १६ अगस्त को मंगल का स्वाती नक्षत्र में प्रवेश---------------------------------------------------------------------------------------------------------------

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करने से अनावृष्टि के योग बनेंगे.बुध २९ अगस्त को अपनी राशि परिवर्तन कर सिंह राशि में प्रवेश कर रहेगा, इसके परिणाम स्वरूप सूत,कपड़े,रुई,
देवदारु,चाँदी,सोना आदि के भाव में तेजी रहेगी! खांड,शक्कर,एवं कपूर के भाव हल्के कम होंगे!
इस माह की कुंडली को आकाशीय हलचल की द्रष्टि से देखे,तो अधिकांश भागों में ठीक वर्षा होगी! दिल्ली,हरियाणा,उत्तरप्रदेश,राजस्थान,बिहार,झारखंड,छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश,उत्तराखंड,में कही सामान्य कहीं तेज वर्षा होगी!

अगस्त २०१२ में ध्दाद्श राशियों का फलादेश-






अगस्त २०१२ में ध्दाद्श राशियों का फलादेश--> मेष--.मेष राशि वाले जातको के लिए यह माह सन्तान की सफलता वाला रहेगा! स्वास्थ्य पर
खर्च होंगा,पत्नी एवं ससुराल पक्ष पर भी खर्च होगा,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि में हानि हो सकती है,किसी कार्य को लेकर उलझन में पड़ सकते है,
सावधानी से काम करे! नॉकरी में उन्नति होगी! दि.२,७ शुभ है,१५ अशुभ है! कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!
वृषभ--> वृषभ राशि वाले जातको के लिए यह माह शत्रु पर विजय प्राप्ति वाला रहेगा! शैक्षिक कार्य पर विशेष खर्च होंगा,शारीरिक पीड़ा रहेगी,स्त्री पक्ष से विरोध हो सकता है,यात्रा आवश्यक को तो ही करे हानि के योग है! व्यापार अच्छा रहेगा,नॉकरी में अधिकारी खुश रहेंगे,कृषि सामान्य रहेगी!दि.३,१२ शुभ है,२४ अशुभ है! राधाष्ट्क लाभप्रद है!
मिथुन-->मिथुन राशि वाले जातको के लिए यह माह आकस्मिक लाभ वाला रहेगा! कानून से संबंधी कार्य में सफलता मिलेगी,बिधार्थी सफल होंगे,संतान पक्ष की तरक्की होगी!व्यापार अच्छा रहेगा,कृषि लाभ देगी,नॉकरी में तरक्की होगी!दोस्त से सहयोग मिलेगा!दि.९.१८ सुभ है,४ अशुभ है! राम-रक्षा- स्त्रोत्र का पाठ लाभ देगा!
कर्क-->कर्क राशि वाले जातको के लिए यह माह भूमि-भवन के सुख वाला रहेगा! माता का सुख मिलेगा,व्यापार अच्छा रहेगा,नॉकरी में उन्नति होगी,आर्थिक स्थिति मजबूत होगी! हध्दय संबंधी तकलीफ से मानसिक तनाव रहेगा,कृषि सामान्य रहेगी,किसी रिश्तेदार से तकलीफ रहेगी! दि.१९,२५ शुभ है,१३ अशुभ है! राधा-कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!
सिंह-->सिंह राशि वाले जातको के लिए यह माह पराक्रम-वृध्दि वाला रहेगा! व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि लाभप्रद रहेगी,नॉकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है! कार्य में अवरोध की स्थति आ सकती है,पितृ कष्ट रहेगा, पारिवारिक कलह के योग है! दुखद समाचार के योग है!दि.१,१० शुभ  है, ३ अशुभ है!शिव-शक्ति की आराधना लाभप्रद है!
कन्या-->कन्या राशि वाले जातको के लिए यह माह आर्थिक सफलता वाला रहेगा! विधार्थी के लिए यह माह उत्तम रहेगा,सुखद समाचार मिलेगा,व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि मध्यम रहेगी,नॉकरी में उन्नति होंगी! जोखिम भरे कार्य न करे हानि हो सकती है! दोस्त से सहयोग  मिलेगा! दि, १३,२७ शुभ है,१९ अशुभ है! श्री कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!

क्या आप जानते हैं भद्रा क्या है...? तुला--> तुला राशि वाले जातको के लिए यह माह कार्य में उन्नति वाला रहेगा! व्यापार में विशेष लाभ होगा! कृषि लाभ देगी,नॉकरी में उन्नति होगी! पितृ पक्ष सुखी होंगे,संतान से सुख एवं सहयोग मिलेगा,किसी अनजान से दोस्ती न करे हानि हो सकती है! दि. ७,९ शुभ है,१५ अशुभ है!
राम-रक्षा-स्त्रोत्र लाभप्रद है!
वृश्चिक-->वृश्चिक राशि वाले जातक के लिए यह माह सामान्य रहेगा! कृषि सामान्य रहेगी,व्यापार हानि दे सकता है,नॉकरी में अधिकारी नाराज रहेंगे! यात्रा व वाहन से हानि के योग बनते है,साबधानी रखे! स्त्री को पीड़ा हो सकती है! पारिवारिक विरोध रहेगा, वेरोजगार की नॉकरी लगेगी!
दि.९.१७ शुभ है,२२ अशुभ है! शिव आराधना लाभप्रद है!
धनु--> धनु राशि वाले जातको के लिए यह माह जायदाद वृध्दि वाला रहेगा! राज्यकार्य में उन्नति होगी,वेरोजगार की नॉकरी लगेगी,यश प्राप्ति मिलेगी,कृषि लाभप्रद रहेगी,स्त्री से सुख मिलेगा,संतान से चिंता रहेगी! नये वाहन के योग है! दि. ११.२२ शुभ है,२ अशुभ है! सीता राम स्तुति
लाभप्रद है!
मकर--> मकर राशि वाले जातको के लिए यह माह यश प्राप्ति वाला रहेगा! व्यापार में लाभ होंगा,नॉकरी में उन्नति होगी,कृषि मध्यम रहेगी! कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी,स्त्री से सुखं मिलेगा,संतान पक्ष से चिंता रहेगी,किसी नारी से दोस्ती सोच कर करे परेशानी आ सकती है! दि. २०,२९ शुभ है १० अशुभ है! गायत्री-मन्त्र लाभप्रद है!
कुम्भ-->कुम्भ राशि वाले जातक के लिए यह माह सुखद समाचार लेकर आएगा! यात्रा से सुख मिलेगा,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि लाभप्रद रहेगी,नॉकरी में हल्की परेशानी आ सकती है! विशेष कार्य पर खर्च होंगा,स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा! पेट सम्बन्धी तकलीफ रहेगी,पुराने दोस्त से लाभ मिलेगा! दि.१२,२८ शुभ है,२४ अशुभ है! राधाकृष्ण भक्ति लाभप्रद  है!
मीन-->मीन राशि वाले जातको के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा! व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि मध्यम रहेगी,नॉकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेगे! वाहन से हानि के योग है,सावधानी से कार्य करे! स्वास्थ्य में गिरावट आएगी,निकटतम व्यक्ति के वियोग के योग है! माता-पिता को कष्ट रहेगा! दि.४,२६ शुभ है,८ अशुभ है! हनुमान भक्ति लाभप्रद है! 

अगस्त २०१२ में ध्दाद्श राशियों का फलादेश

अगस्त २०१२ में ध्दाद्श राशियों का फलादेश

  मेष-->.मेष राशि वाले जातको के लिए यह माह सन्तान की सफलता वाला रहेगा! स्वास्थ्य पर खर्च होंगा,पत्नी एवं ससुराल पक्ष पर भी खर्च होगा,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि में हानि हो सकती है,किसी कार्य को लेकर उलझन में पड़ सकते है,सावधानी से काम करे! नॉकरी में उन्नति होगी! दि.२,७ शुभ है,१५ अशुभ है! कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!--
> वृषभ--> वृषभ राशि वाले जातको के लिए यह माह शत्रु पर विजय प्राप्ति वाला रहेगा! शैक्षिक कार्य पर विशेष खर्च होंगा,शारीरिक पीड़ा रहेगी,स्त्री पक्ष से विरोध हो सकता है,यात्रा आवश्यक को तो ही करे हानि के योग है! व्यापार अच्छा रहेगा,नॉकरी में अधिकारी खुश रहेंगे,कृषि सामान्य रहेगी!दि.३,१२ शुभ है,२४ अशुभ है! राधाष्ट्क लाभप्रद है!
मिथुन-->मिथुन राशि वाले जातको के लिए यह माह आकस्मिक लाभ वाला रहेगा! कानून से संबंधी कार्य में सफलता मिलेगी,बिधार्थी सफल होंगे,संतान पक्ष की तरक्की होगी!व्यापार अच्छा रहेगा,कृषि लाभ देगी,नॉकरी में तरक्की होगी!दोस्त से सहयोग मिलेगा!दि.९.१८ सुभ है,४ अशुभ है! राम-रक्षा- स्त्रोत्र का पाठ लाभ देगा!
कर्क-->कर्क राशि वाले जातको के लिए यह माह भूमि-भवन के सुख वाला रहेगा! माता का सुख मिलेगा,व्यापार अच्छा रहेगा,नॉकरी में उन्नति होगी,आर्थिक स्थिति मजबूत होगी! हध्दय संबंधी तकलीफ से मानसिक तनाव रहेगा,कृषि सामान्य रहेगी,किसी रिश्तेदार से तकलीफ रहेगी! दि.१९,२५ शुभ है,१३ अशुभ है! राधा-कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!
सिंह-->सिंह राशि वाले जातको के लिए यह माह पराक्रम-वृध्दि वाला रहेगा! व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि लाभप्रद रहेगी,नॉकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है! कार्य में अवरोध की स्थति आ सकती है,पितृ कष्ट रहेगा, पारिवारिक कलह के योग है! दुखद समाचार के योग है!दि.१,१० शुभ  है, ३ अशुभ है!शिव-शक्ति की आराधना लाभप्रद है!
कन्या-->कन्या राशि वाले जातको के लिए यह माह आर्थिक सफलता वाला रहेगा! विधार्थी के लिए यह माह उत्तम रहेगा,सुखद समाचार मिलेगा,व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि मध्यम रहेगी,नॉकरी में उन्नति होंगी! जोखिम भरे कार्य न करे हानि हो सकती है! दोस्त से सहयोग  मिलेगा! दि, १३,२७ शुभ है,१९ अशुभ है! श्री कृष्ण भक्ति लाभप्रद है!

तुला--> तुला राशि वाले जातको के लिए यह माह कार्य में उन्नति वाला रहेगा! व्यापार में विशेष लाभ होगा! कृषि लाभ देगी,नॉकरी में उन्नति होगी! पितृ पक्ष सुखी होंगे,संतान से सुख एवं सहयोग मिलेगा,किसी अनजान से दोस्ती न करे हानि हो सकती है! दि. ७,९ शुभ है,१५ अशुभ है!
राम-रक्षा-स्त्रोत्र लाभप्रद है!
वृश्चिक-->वृश्चिक राशि वाले जातक के लिए यह माह सामान्य रहेगा! कृषि सामान्य रहेगी,व्यापार हानि दे सकता है,नॉकरी में अधिकारी नाराज रहेंगे! यात्रा व वाहन से हानि के योग बनते है,साबधानी रखे! स्त्री को पीड़ा हो सकती है! पारिवारिक विरोध रहेगा, वेरोजगार की नॉकरी लगेगी!
दि.९.१७ शुभ है,२२ अशुभ है! शिव आराधना लाभप्रद है!
धनु--> धनु राशि वाले जातको के लिए यह माह जायदाद वृध्दि वाला रहेगा! राज्यकार्य में उन्नति होगी,वेरोजगार की नॉकरी लगेगी,यश प्राप्ति मिलेगी,कृषि लाभप्रद रहेगी,स्त्री से सुख मिलेगा,संतान से चिंता रहेगी! नये वाहन के योग है! दि. ११.२२ शुभ है,२ अशुभ है! सीता राम स्तुति
लाभप्रद है!
मकर--> मकर राशि वाले जातको के लिए यह माह यश प्राप्ति वाला रहेगा! व्यापार में लाभ होंगा,नॉकरी में उन्नति होगी,कृषि मध्यम रहेगी! कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी,स्त्री से सुखं मिलेगा,संतान पक्ष से चिंता रहेगी,किसी नारी से दोस्ती सोच कर करे परेशानी आ सकती है! दि. २०,२९ शुभ है १० अशुभ है! गायत्री-मन्त्र लाभप्रद है!
कुम्भ-->कुम्भ राशि वाले जातक के लिए यह माह सुखद समाचार लेकर आएगा! यात्रा से सुख मिलेगा,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि लाभप्रद रहेगी,नॉकरी में हल्की परेशानी आ सकती है! विशेष कार्य पर खर्च होंगा,स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा! पेट सम्बन्धी तकलीफ रहेगी,पुराने दोस्त से लाभ मिलेगा! दि.१२,२८ शुभ है,२४ अशुभ है! राधाकृष्ण भक्ति लाभप्रद  है!
मीन-->मीन राशि वाले जातको के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा! व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि मध्यम रहेगी,नॉकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेगे! वाहन से हानि के योग है,सावधानी से कार्य करे! स्वास्थ्य में गिरावट आएगी,निकटतम व्यक्ति के वियोग के योग है! माता-पिता को कष्ट रहेगा! दि.४,२६ शुभ है,८ अशुभ है! हनुमान भक्ति लाभप्रद है! 

Thursday, August 2, 2012

राजा बलि ने निभाया था रक्षाबंधन का वचन




हिंदू पौराणिक कथा के अनुसार राजा बलि ने भगवान विष्णु से अपना साम्राज्य दुश्मनों के प्रपंचों से बचाने हेतु आग्रह किया।

अपने भक्त के अनुरोध पर भगवान विष्णु ने ब्राह्मण स्त्री का रूप लेकर राजा बलि के निवास में रहने का संकल्प लिया, परंतु इस प्रतिज्ञा को सुन भगवान विष्णु की पत्नि देवी लक्ष्मी ने राजा बलि से अपने स्वामी को स्वर्गलोक नहीं छोड़ने के लिए निवेदन किया।

देवी लक्ष्मी ने श्रावण पूर्णिमा के दिन राजा बलि को राखी बांधकर उनसे अपने स्वामी को स्वर्गलोक नहीं त्यागने का वचन लिया।

बहन की कामना जानकर राजा बलि ने विष्णु देव से स्वर्गलोक में ही रहने की विनती की और इस तरह उन्होंने अपनी बहन के सुहाग की रक्षा की।
राजा बलि के समान जो भाई अपनी बहन की एवं बहन के सुहाग की रक्षा करता है,वह रक्षा-बँधन का सही फर्ज निभाता है!