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Friday, February 7, 2014

ज्योतिष की नजर से फरवरी महीना


फरवरी माह के प्रारंभ में दक्षिण के देशों में सुख शांति रहेगी। पश्चिम के देशों में अशांति रहेगी। उत्तर-पूर्व के देशों में आपसी तालमेल नहीं रहेगा ओर पड़ोसी देशों से युद्ध का भय रहेगा।

तेल के भाव में तेजी आएगी। तिल के भाव में उतार-चढा़व बना रहेगा। प्रजा को सुख शांति मिलेगी। कृषि में नुकसान अधिक होगा। गेहूं एवं मूंग के भाव में तेजी बनी रहेगी। 


इस माह मंगल एवं शनि एक-दूसरे के दूसरे एवं 12वें भाव में होने से विश्व में अशांति रहेगी। वाहन दुर्घटनाएं बढ़ेंगी एवं भारत में राष्ट्र विरोधी तत्व सामने आएंगे। आतंकवाद का भय बना रहेगा। विश्व प्राकृतिक प्रकोप से जनता दुखी रहेगी।

13 फरवरी से उत्तर के देशों में शांति रहेगी। पूर्व दक्षिण के देशों में पीड़ा एवं पश्चिम के देशों में युद्ध का भय रहेगा।  


21 फरवरी से बुध वक्री होकर धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसके फलस्वरूप वन्य-जीवों पर कष्ट आएगा और चांदी के भाव में अधिक तेजी आएगी।

इस माह पर्वतीय भागों में शीत के साथ वर्षा की बौछार पड़ेगी। उत्तराखंड, हिमाचलप्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में शीत के प्रकोप के साथ ओलावृष्टि या हिमपात संभव है।

मैदानी भागों में ऋतु परिवर्तन के लक्षण दिखाई देंगे, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश के कुछ भागों में बादल के साथ वर्षा के योग है।

फरवरी 2014 : 12 राशियों का भविष्यफल



मेष- मेष राशि वालों के लिए यह माह सफलता वाला रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार अच्छा लाभ देगा। कृषि सामान्य रहेगी। पारिवारिक कलह रहेगा। शारीरिक पीड़ा रहेगी। विशेषकर नेत्र की तकलीफ हो सकती है। किसी अनजान व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा।

दि. 4,12 शुभ है, 9 अशुभ है। देवी आराधना लाभप्रद रहेगी। 




वृषभ- वृषभ राशि वालों के लिए यह माह भूमि-भवन में वृद्धि वाला रहेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा रहेगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेगे। माता पक्ष से सुख प्राप्त होगा। मित्र सहयोग देंगे। पश्चिम दिशा से कोई अन्य मित्र बन सकता है, जिससे सावधान रहें।

दि. 6,18 शुभ है,10 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी।

मिथुन- मिथुन राशि वालों के लिए यह माह स्थान परिवर्तन वाला हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति होगी। व्यापार ठीक-ठीक रहेगा। कृषि मध्यम रहेगी। व्यापार में उन्नति होगी। भूमि खरीदने के योग बनते हैं। वाहन से दुर्घटना हो सकती है। सावधान रहें। शत्रु पक्ष से भय बना रहेगा।

दि.11, 24 शुभ है, 3 अशुभ है। हनुमान जी की आराधना लाभप्रद रहेगी। 
 
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। रुके कार्य होंगे। व्यापार ठीक-ठीक रहेगा। कृषि में सामान्य लाभ मिलेगा। नौकरी में उन्नति के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। नए वाहन के योग है। स्वास्थ्य नरम-गरम रहेगा। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा।

दि.7, 21 शुभ है, 5 अशुभ है। गायत्री आराधना लाभप्रद रहेगी। 
 
सिंह- सिंह राशि वालों के लिए यह माह व्यापार में लाभ वाला रहेगा। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है। कृषि सामान्य रहेगी। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। आपसी तालमेल बढ़ेंगे। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक कार्य से यात्रा होगी।

दि.3,15 शुभ है, 8 अशुभ है। शनि आराधना लाभप्रद रहेगी।   




कन्या- कन्या राशि वालों के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि लाभ देगी। विद्यार्थी को अच्छी उन्नति मिलेगी। भूमि के निर्माण कार्य पूर्ण होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

दि.9,17 शुभ है, 4 अशुभ है। श्रीराम स्तोत्र का पाठ करना लाभप्रद रहेगा। 
 
तुला- तुला राशि वालों के लिए यह माह सामान्य रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है। कृषि ठीक-ठीक रहेगी। नौकरी में तकलीफ आ सकती है। स्त्री कष्ट रहेगा। खुद के स्वास्थ्य में सुधार होगा। पारिवारिक कार्य में व्यस्तता बढ़ेगी। मानसिक तनाव रहेगा।

दि. 5,20 शुभ है,11 अशुभ है। देवी आराधना लाभप्रद रहेगी।   

वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों के लिए यह माह भूमि के लाभ वाला रहेगा। घर में मांगलिक कार्य के योग है। स्त्री पक्ष से सहयोग मिलेगा। कार्य क्षेत्र में लाभ मिलेगा। विद्यार्थी को अच्छा लाभ मिलेगा। रुके हुए कार्य होंगे।

दि.8,16 शुभ है,13 अशुभ है। राहु-केतु की आराधना लाभप्रद रहेगी। 


धनु- धनु राशि वालों के लिए यह माह संतान सुख वाला रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। घर में धार्मिक अनुष्ठान होगा। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। किसी रिश्तेदार से सहयोग प्राप्त होगा।

दि.12,24 शुभ है, 6 अशुभ है। शिव आराधना लाभप्रद रहेगी।   


मकर- मकर राशि वालों के लिए यह माह परेशानी वाला हो सकता है। मुश्किल वाले कार्य अधिक रहेंगे। व्यापार हानि दे सकता है। कृषि में नुकसान होगा। नौकरी में तालमेल में कमी आएगी। आर्थिक संकट रहेगा। शत्रु भय रहेगा। यात्रा में हानि के योग बनते है।

दि.7,13 शुभ है,16 अशुभ है। शनि राहु की आराधना लाभप्रद रहेगी।   


कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए यह माह भूमि-भवन के लाभ वाला रहेगा। सुखद समाचार मिलेंगे। व्यापार लाभ देगा। कृषि में अच्छा लाभ मिलेगा। नौकरी में उन्नति के योग है। निर्माण कार्य पूर्ण होंगे। शत्रु पक्ष कमजोर पड़ेगा।

दि.3,18 शुभ है, 22 अशुभ है। शनि आराधना फलदायी रहेगी। 

मीन- मीन राशि वालों के लिए यह माह न्यायिक सफलता वाला रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि ठीक रहेगी। नौकरी में अधिकारी से सहयोग प्राप्त होगा। स्त्री कष्ट रहेगा। भाग्योदय के योग है। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा।

दि. 9,12 शुभ है, 17 अशुभ है। गुरु आराधना लाभप्रद रहेगी। 

Sunday, September 8, 2013

सितम्बर 2013 माह में 12 राशियों का फलादेश




मेष- मेष राशि वालों के लिए यह माह आर्थिक सुख वाला रहेगा। परिवार से लाभ मिलेगा। कोर्ट-कचहरी के कार्यों में सफलता मिलेगी। भूमि क्रय होगी। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि में लाभ मिलेगा। नौकरी में सम्मान बढे़गा।

दि. 8, 24 शुभ है, 3 अशुभ है। श्रीराम आराधना लाभप्रद रहेगी।
 
वृषभ- वृषभ राशि वालों के लिए यह माह ठीक रहेगा। घर में मांगलिक कार्य होंगे। न्यायिक कार्य से छुटकारा मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति होगी। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि ठीक रहेगी। स्त्री को कष्ट रहेगा। किसी मित्र से सहयोग मिलेगा।

दि. 7,14 शुभ है,18 अशुभ है। गायत्री मंत्र जप करना लाभप्रद रहेगा। 
 
मिथुन- मिथुन राशि वालों के लिए यह माह भाग्योदय वाला रहेगा। विद्यार्थी के उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे। नि:संतान दम्पति को संतान के योग बनेंगे। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि लाभ देगी। नौकरी में उन्नति होगी। कुसंग का ध्यान रखें, परेशानी में पड़ सकते हैं।

दि.11, 22 शुभ है,8 अशुभ है। शिव-शक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी।
 
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह माह पारिवारिक सुख वाला रहेगा। पत्नी के पक्ष से लाभ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि ठीक रहेगी। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। नए वाहन का योग बनेगा।

दि. 5, 20 शुभ है,16 अशुभ है। हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभप्रद रहेगा। 
 
सिंह- सिंह राशि वालों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। विद्यार्थी की उन्नति होगी। व्यापार लाभ देगा। कृषि मध्यम रहेगी। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है। बहनोई से सहयोग एवं लाभ मिलेगा। धार्मिक यात्रा होगी।

दि. 13, 26 शुभ है,10 अशुभ है। श्रीराम की आराधना लाभप्रद रहेगी।  
 
कन्या- कन्या राशि वालों के लिए यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। कृषि अच्छा लाभ देगी। नौकरी में स्थान-परिवर्तन हो सकता है। धार्मिक कार्य में रूचि बढ़ेगी। किसी अनजान से दोस्ती होगी। यात्रा लाभप्रद रहेगी।

दि. 18, 25 शुभ है, 5 अशुभ है। देवी की आराधना लाभप्रद रहेगी। 
 



तुला- तुला राशि वालों के लिए यह माह धन समृद्धि वाला रहेगा। व्यापार एवं कृषि दोनों अच्छा लाभ देगी। नौकरी में पदोन्नति होगी। परिवार से विरोध रहेगा। अधिक श्रम लाभ देगा। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा।

दि. 6, 18 शुभ है, 14 अशुभ है। राधा-कृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी।

वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि मध्यम लाभ देगी। विदेश यात्रा के योग बनते हैं। मानसिक बैचेनी हो सकती है।

दि.4,16 शुभ है, 9 अशुभ है। देवी-कवच का पाठ करना लाभप्रद रहेगा।
 
धनु- धनु राशि वालों के लिए यह माह राजनीतिक लाभ वाला रहेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि परेशानी दे सकती है। नौकरी में अधिकारी नाराज रहेंगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। सरकारी योजना का लाभ मिलेगा।

दि. 9, 27 शुभ है, 4 अशुभ है। सूर्य आराधना करना लाभप्रद रहेगा।
 
मकर- मकर राशि वालों का यह माह व्यापार में वृद्धि वाला रहेगा। कृषि भी लाभ देगी। नौकरी में उन्नति होगी। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। वाहन बेचने से लाभ मिलेगा। शारीरिक कष्ट के योग है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

दि. 14,28 शुभ है, 5 अशुभ है। हनुमानजी की आराधना लाभप्रद रहेगी। 
 
कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए यह माह सामान्य रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि ठीक-ठीक रहेगी। नौकरी में साथी से मनमुटाव के योग बनते हैं। भूमि-भवन के विवाद रहेंगे। मांगलिक कार्य पूर्ण होंगे। वाहन दुर्घटना का भय रहेगा।

दि. 6,12 शुभ है, 14 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी। 
 
मीन- मीन राशि वालों के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि ठीक रहेगी। पारिवारिक सहयोग रहेगा। नए वाहन के योग बनते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किसी मित्र से विरोध के योग।

दि. 7,14 शुभ है,18 अशुभ है। शिव की आराधना लाभप्रद रहेगी

 
 

Wednesday, March 6, 2013

मार्च 2013 : 12 राशियों का भविष्‍यफल

मेष- यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा। व्यापार से अच्छा लाभ मिलेगा। कृषि वालों को हानि हो सकती है। नौकरी में अफसर खुश रहेंगे। विद्यार्थी वर्ग को परेशानी आएगी। पति-पत्नि के बीच तनाव की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

दि. 4, 7 शुभ है, 9 अशुभ है। गायत्री मंत्र लाभप्रद रहेगा

वृषभ- यह माह आर्थिक सुख वाला रहेगा। भूमि-वाहन प्राप्त होंगे। शत्रु परास्त होंगे। विद्यार्थी की उन्नति होगी। किसी नए कार्य के योग बनते हैं। व्यापार कृषि लाभ देगी। नौकरीपेशा के मन में संतोष रहेगा।

दि.10, 23 शुभ है, 6 अशुभ है। गुरु आराधना लाभप्रद रहेगी।
मिथुन-
यह माह संतान की उन्नति वाला रहेगा। नौकरी वालों के स्थान परिवर्तन के योग है। कृषि में हानि हो सकती है। व्यापार मध्यम रहेगा। यात्रा पर विशेष खर्च होगा। पत्नी को कष्ट रहेगा।

दि. 5, 15 शुभ है, 3 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी

कर्क- यह माह भूमि-भवन के लाभ वाला रहेगा। अधूरे कार्य पूर्ण होंगे। घर में मांगलिक कार्य के योग हैं। राजनीति में उन्नति होगी। व्यापार में प्रगति होगी। कृषि वालों को एवं नौकरी वालों को इस माह परेशानी आ सकती है। माता को कष्ट के योग है।

दि. 9, 27 शुभ है 7 अशुभ है। शिव-शक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी।



सिंह- यह माह मानसिक सुख वाला रहेगा। कानूनी कार्यों में सफलता मिलेगी। विरोधी परास्त होंगे। पारिवारिक सुख रहेगा। व्यापार, कृषि ठीक रहेंगे। नौकरी वालों को अचानक लाभ मिलने के योग है।

दि. 1, 8, 24 शुभ है, 16 अशुभ है। हनुमानजी की आराधना लाभप्रद है

कन्या- यह माह मध्यम फल वाला रहेगा। माता पक्ष से सुख मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में बाधा आएगी। पत्नी को कष्ट के योग है। व्यापार में हानि हो सकती है। कृषि मध्यम रहेगी। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते हैं, ध्यान दें।

दि. 3, 12 शुभ है, 10 अशुभ है। श्रीराम आराधना लाभप्रद रहेगीतुला- यह माह न्यायिक कार्य में सफलता वाला रहेगा। व्यापार स्थिति कमजोर हो सकती है। कृषि भी हानि दे सकती है। नौकरी वालों की उन्नति होगी। रोगी को लाभ मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होने से लाभ मिलेगा।

दि. 13, 26 शुभ है, 9 अशुभ है। शनि जाप करना लाभप्रद रहेगा

वृश्चिक- यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। पत्नि को कष्ट हो सकता है। कृषि एवं नौकरी वालों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। जरूरी होने पर ही यात्रा करें, हानि के योग है। शत्रु का भय बना रहेगा। मानसिक तनाव रहेगा।

दि. 7, 21 शुभ है, 3 अशुभ है। शक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी
धनु-
यह माह भूमि-भवन के लाभ वाला रहेगा। व्यापार में उन्नति होगी। कृषि भी लाभ देगी। नौकरी में पदोन्नति के साथ स्थान-परिवर्तन के योग हैं। संतान से कष्ट हो सकता है परंतु मित्रों से लाभ मिलेगा। शारीरिक पीड़ा रहेगी।

दि. 2, 20 शुभ है, 6 अशुभ है। गं गणपते नम: का जाप लाभप्रद रहेगा

मकर- यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। व्यापार-कृषि मध्यम लाभ देगी। सामाजिक-धार्मिक यात्रा के योग हैं। विद्यार्थी को रूकावट आ सकती है, पिता को कष्ट के योग हैं। स्वयं को उदर की तकलीफ हो सकती है।

दि. 5, 8 शुभ है, 19 अशुभ है। शक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी


कुंभ- यह माह संतान सुख वाला रहेगा। व्यापार में हानि के योग। कृषि में अच्छा लाभ मिलेगा। नौकरी में अफसर खुश रहेंगे। धर्म के कार्य में परेशानी आएगी। धार्मिक यात्रा के योग हैं। भाई से सहयोग प्राप्त होगा।

दि. 3, 18 शुभ है, 29 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी

मीन- यह माह अचानक लाभ वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति होगी। व्यापार-कृषि लाभ देंगे। स्थान-परिवर्तन के योग भी हैं। वाहन दुर्घटना हो सकती है। माता को कष्ट रहेगा। ससुराल पक्ष से लाभ मिलेगा।

दि. 4, 24 शुभ है, 17 अशुभ है। सूर्य आराधना लाभप्रद रहेगी।

मार्च 2013 : ज्योतिष की नजर से

मार्च महीने में ग्रहों का राशियों पर भ्रमण और उनका प्रकृति व जीव-जंतुओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा, जानिए -

मार्च में सूर्य का भ्रमण उत्तर के देशों में सुख-शांति देगा। पूर्व-दक्षिण के देशों में पीड़ा और पश्चिम के देशों में अशांति का वातावरण पैदा करेगा।

मार्च में मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, जिसके प्रभाव से सभी अन्न महंगे होंगे। अन्न के साथ अन्य वस्तुएं भी महंगी होगी। यह सब होते हुए भी मंगल के प्रभाव से जनता निर्भय रहेगी।

मार्च माह में चतुर्ग्रही (मंगल, बुध, सूर्य, शुक्र एक साथ है) योग भी बन रहे है, जिसके फलस्वरूप कहीं रक्त-पात, जल-पलायन होगा।

March and Astrology
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माह में शनि और मंगल एक-दूसरे के 6वें एवं 8वें भाव में होने से दुर्घटना, अग्नि-कांड, आतंकवादी गतिविधियों का भय रहेगा। साथ ही अशांति का वातावरण उत्पन्न होगा।

शुक्र के कुंभ राशि में भ्रमण करने से रूई ओर चांदी के भाव में कमी आएगी तथा शेयरों में तेजी आएगी।

15 मार्च से सूर्य राशि परिवर्तन कर मीन राशि में प्रवेश होगा जिससे पश्चिम के देशों में सुख-शांति होगी, पूर्व-उत्तर के देशों में अशांति रहेगी और दक्षिण के देशों में अशांति का वातावरण रहेगा। 17 मार्च से शुक्र भी अपनी राशि से अगली राशि पर भ्रमण करेगा, जिससे पृथ्वी पर अत्यंत सुख-शांति होगी।

मार्च 2013 की कुंडली में चतुर्ग्रही योग बन रहे हैं, जिसके फलस्वरूप पर्वतीय स्थल पर तेज वायु के साथ बूंदा-बांदी होगी।

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तरप्रदेश, म.प्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार में बादल चल के साथ वायु का प्रभाव भी तेज होगा। शुक्र के कारण कहीं-कहीं बूंदा-बांदी भी संभव है।

Saturday, January 26, 2013

(26 जनवरी)

(26 जनवरी) गणतंत्र दिवस की सभी भारतीयो )को शुभकामना !

Friday, January 18, 2013

रितिक रोशन

रितिक रोशन : शुक्र ने बनाया सुंदर : 
Hrithik Roshan Picture

 


रितिक के जन्म के समय के नक्षत्र ने रितिक को अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा रखने वाला बनाया। जन्म के समय सूर्य धनु राशि पर परिभ्रमण कर रहा था जिसके प्रभाव से रितिक आज आर्थिक रूप से सुखी है। मंगल ने भ्रमणशील बनाया है। मंगल के कारण रितिक फिल्मी दुनिया में लोक-विख्यात हुए।

बुध रितिक को कष्टों से बचाता है। बुध जन्म के समय गुरु की राशि में विराजमान है यह स्थिति रितिक को आर्थिक सुख के साथ मान-सम्मान दिलाती है। गुरु मध्यम फल देता है। भविष्य में यही गुरु रितिक रोशन को परेशानी में भी डाल सकता है।

कुंडली में शुक्र द्वितीय भाव में है यह योग सुंदर एवं स्वभाव में सुशील बनाता है। शनि की कुंडली में स्थिति स्त्री एवं मित्रों से कष्ट पंहुचा सकती है। मिथुन के शनि ने उच्च फिल्मी कलाकार बनाया। राहु एवं केतु के कारण रितिक को जल से खतरा रहेगा। रितिक को राहु एवं केतु की शांति करना चाहिए।

Happy Birthday Hrithik
रितिक का जन्म बुध की महादशा में हुआ है। जिसका भोग्यकाल 15 वर्ष 11 माह 3 दिन रहा। 12.12.1996 से शुक्र की महादशा चल रही है, जो 13.12.2016 तक रहेगी। शुक्र की महादशा में बुध की अन्तर्दशा 13.12.2012 से लगी है जो 13.10.2015 तक रहेगी। शुक्र की मह़ादशा में बुध की अन्तर्दशा एवं बुध की अन्तर्दशा में बुध की प्रत्यंतर-दशा चल रही है यह 8.5.2013 तक चलेगी।

रितिक के लिए जनवरी मध्यम रहेगा। फरवरी-मार्च अच्छा रहेगा। मई में तकलीफ आ सकती है। जून-जुलाई में बड़े ऑफर मिलेंगे। अगस्त-सितंबर सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा। अक्टूबर-नवंबर सामान्य रहेगा, परन्तु इस माह प्रशंसकों की संख्या बढ़ेगी। दिसबर ठीक-ठीक रहेगा।

रितिक को दिनांक 2,9 एवं 12 को कोई बड़े कार्य नही करना चाहिए एवं पुखराज धारण करना चाहिए। गणेशजी की आराधना बहुत लाभदायक है।

Tuesday, January 8, 2013

जनवरी 2013 ज्योतिष की नजर से

जनवरी 2013 ज्योतिष की नजर से
January 2013

वर्ष परिवर्तन के साथ ग्रहों का राशि परिवर्तन जनवरी 2013 में क्या फल देंगे आइए जानिए।
जनवरी प्रारंभ में सूर्य का धनु राशि में परिभ्रमण करने से पश्चिम के देशों में सुख-शांति रहेगी, पूर्व तथा उत्तर के देशों में अशांति का वातावरण रहेगा, दक्षिण के देशों में युद्ध का भय रहेगा।

मंगल का मकर राशि में परिभ्रमण करने से घी, तेल महंगे होंगे एवं अनाज सस्ता होगा। बुध का परिभ्रमण शासकों को परेशानी में डाल सकता है, शुक्र का जनवरी प्रारंभ में वृश्चिक राशि में भ्रमण करने से शांति रहेगी। परंतु जनवरी प्रथम सप्ताह से धनु राशि में परिभ्रमण करने के फलस्वरूप सभी अनाज महंगे होंगे एवं कृषि की भारी हानि होगी।


14 जनवरी को बुध श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जिसके फलस्वरूप शीत के प्राकृतिक प्रकोप से अलसी, धान्य, चना, गुड़ को हानि होगी। 14 जनवरी को ही सूर्य भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करेगा अर्थात् धनु से मकर राशि में परिभ्रमण करेगा, जिससे दक्षिण के देशों में सुख-शांति आएगी, उत्तर तथा पश्चिम के देशों में अशांति एवं पीड़ा रहेगी, पूर्व के देशों में युद्ध आदि का भय रहेगा।
january 2013

शुक्र, बुध एवं सूर्य की राशि परिवर्तन के बाद मंगल भी अपनी राशि बदलकर 25 जनवरी से कुंभ राशि में परिभ्रमण करेगा। मंगल के इस परिवर्तन से सभी धान्यों के भाव में तेजी होगी एवं अन्य प्रकार की वस्तुए भी महंगी होगी। इतना होने पर भी लोग निर्भय रहेंगे।

इस माह की कुंडली को आकाशीय हलचल की नजर से देखें तो उत्तराखण्ड, हिमाचलप्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की गर्जना एवं तेज बादल चाल के साथ शीत वायु का तेज प्रवाह होगा तथा हिमपात की भी संभावना है।

कहीं भारी वर्षा, जलप्लावन, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, प्राकृतिक प्रकोप से हानि की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, मध्यप्रदेश के मैदानी भागों में तेज शीत लहर का प्रभाव रहेगा तथा कहीं-कहीं वर्षा भी होगी। दक्षिण भारत में वायु के साथ वर्षा भी होगी।

Friday, January 4, 2013

जनवरी 2013 : बारह राशियों का भविष्य-फल

 

जनवरी 2013 : बारह राशियों का भविष्य-फल
मेष- मेष राशि वाले जातकों के लिए यह माह सामान्य रहेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि मध्यम लाभ देगी। नौकरी में उन्नति के योग बनेंगे। स्त्री पक्ष से कष्ट के योग है, धार्मिक कार्य में रूकावट आएगी, व्यर्थ खर्च होगा।
दि. 5, 28 शुभ है, 14 अशुभ है। राम स्तुति लाभप्रद है! वृषभ- वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह सफलता वाला रहेगा। विद्यार्थी को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में लाभ मिलेगा, कृषि मध्यम रहेगी, नौकरी में उन्नति होगी। मित्र से सहयोग मिलेगा, विशेष कार्य होंगे।
दि. 1, 12 शुभ है 3 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी।
मिथुन- मिथुन राशि वाले जातकों के लिए यह माह सफलता वाला रहेगा। घर में मांगलिक कार्य होंगे, विद्यार्थी को सफलता मिलेग। उच्च पढा़ई के द्वार खुलेंगे, बेरोजगार को रोजगार मिलेगा। व्यापार में नुकसान हो सकता है। कृषि मध्यम रहेगी, किसी से दोस्ती के योग है।
दि. 7, 14 शुभ है, 23 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी।
कर्क- कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। व्यापार में लाभ मिलेगा। कृषि लाभ देगी, स्थान-परिवर्तन के योग है, न्यायिक कार्यों में सफलता मिलेगी। माता से सुख मिलेगा।
दि. 17, 28 शुभ है, 5 अशुभ है। श्रीराम की आराधना लाभप्रद है।
सिंह- सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह पारिवारिक सुख वाला रहेगा। पत्नी से लाभ मिलेगा, सम्मान प्राप्ति के योग है, परिश्रम का लाभ मिलेगा, व्यापार ठीक रहेगा, कृषि में हानि हो सकती है ध्यान दें, नौकरी में अधिकारी से तालमेल मिलाकर चले, लाभ मिलेगा।
दि. 3, 27 शुभ है, 9 अशुभ है। देवी आराधना लाभप्रद रहेगी।
कन्या- कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह शिक्षा में उन्नति वाला रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी, कृषि कार्य में सफलता मिलेगी, व्यापार सफल रहेगा। मांगलिक कार्य के योग है।

Stars of Love

दि. 15, 30 शुभ है, 4 अशुभ है। शिव-शक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी।
तुला- तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापारिक लाभ वाला रहेगा। निर्माण कार्य पूरा होगा, नए वाहन के योग है, धार्मिक-सामाजिक यात्रा के योग है। माता को कष्ट के योग है, मित्र से सहयोग मिलेगा।
दि. 3, 6 शुभ है, 8 अशुभ है। राधाकृष्ण की आराधना लाभप्रद रहेगी।
वृश्चिक- वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह कानूनी-मामलों में सफलता वाला रहेगा। व्यापार मध्यम रहेगा, कृषि में हानि के योग है, नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है। यात्रा अति-आवश्यक कार्य पर ही करें, शारीरिक पीड़ा हो सकती है।
दि. 1, 14 शुभ है, 23 अशुभ है। देवी आराधना लाभप्रद रहेगी।
धनु- धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह उन्नति वाला रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी, नौकरी में पदोन्नति के योग है, कृषि लाभ देगी। भूमि विवाद समाप्त होगा, मित्रो से सहयोग प्राप्त होगा। कहीं से अचानक लाभ होगा, सामाजिक यात्रा होगी।
दि. 5, 20 शुभ है, 2 अशुभ है। पवन-पुत्र हनुमान जी की आराधना लाभप्रद रहेगी।
मकर- मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। नौकरी में पदोन्नति के साथ स्थान-परिवर्तन हो सकता है। कृषि मध्यम लाभ देगी, व्यापार लाभप्रद रहेगा। संतान से कष्ट के योग है, घर में मांगलिक कार्य होगा। पेट की तकलीफ रहेगी।
दि 10, 18 शुभ है, 6 अशुभ है। गायत्री-मंत्र करना लाभप्रद रहेगा।
कुंभ- कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह धार्मिक-अनुष्ठान से लाभ वाला रहेगा। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि लाभप्रद
रहेगी। नौकरी में तकलीफ हो सकती है। शत्रु पक्ष परास्त होंगे, प्रवास योग बनते हैं। माता को कष्ट हो सकता है।
दि. 9, 18 शुभ है, 2 अशुभ है। गणेशजी की आराधना लाभप्रद रहेगी।
मीन- मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। कृषि लाभ देगी, नौकरी में उन्नति होगी। भवन निर्माण के योग है। शारीरिक परेशानी हो सकती है, मित्रों से विवाद के योग है, सोचकर व्यवहार करें। भाई से सहयोग प्राप्त होगा।
दि. 10, 24 शुभ है, 7 अशुभ है। श्रीकृष्ण आराधना लाभप्रद है।

Tuesday, January 1, 2013

नववर्ष 2013

नववर्ष 2013 की सभी पाठको एवं मित्रो को शुभकामना श्री-कृष्ण आपके जीवन को आनन्दमय रखे!

Monday, November 12, 2012

दीपावली पूजन के मंगल-शुभ मुहूर्त

दीपावली पूजन के मंगल-शुभ मुहूर्त
Diwali Puja in Hindi

दीपावली पूजन के लिए प्रस्तु‍त है शुभ मंगलकारी मुहूर्त। इन मुहूर्त में पूजन करने से महालक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन ऐश्वर्यशाली होता है।
प्रात: -
10.30 से दोपहर 01.30 (लाभ-अमृत)
03.00 से 04.30 (शुभ),
रात्रि- 07.30 से 09.00 (लाभ)
रात्रि 10.00 से 12.00 तक।
देर रात्रि पूजन करने वालों के लिए
रात्रि 12.00 से 01.30 तक।

लग्न अनुसार-
सुबह 06.44 से 09.01 (वृश्चिक-लग्न),
09.01 से 11.06 (धनु-लग्न),
दोपहर 12.54 से 02.26 (कुंभ-लग्न),
03.57 से शाम 05.37 (मेष-लग्न),
05.37 से 08.36 (वृषभ-लग्न)
सिंह लग्न में पूजन का समय है रात्रि 12.06 से 02.18 तक।
Time to worship Lakshmi

Tuesday, November 6, 2012

नवम्वर 2012 में ध्ददश राशियों का फलादेश

नवम्वर 2012 में ध्ददश राशियों का फलादेश ----.
मेष--->मेष राशि वाले जातको के लिए यह माह सामाजिक यात्रा वाला रहेगा! व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि
हानि दे सकती है,नौकरी में परेशानी आएगी! नेत्र संबंधी तकलीफ रहेगी,स्त्री पक्ष से विवाद हो सकता है,
किसी के कारण घर में अशांति का वातावरण रहेगा! दि .8,16 शुभ है,7अशुभ है! देवी आराधना लाभप्रद रहेगी!
वृषभ--->वृषभ राशि वाले जातको के लिए यह माह पारिवारिक सुख वाला रहेगा! मांगलिक कार्य होंगे,आर्थिक स्थिति उत्तम होगी,व्यापार अच्छा रहेगा,नौकरी में उन्नति होगी,कृषि लाभ देगी! शत्रु पक्ष कमजोर होंगे! अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे!दि .18 शुभ है,18 अशुभ है! राम आराधना लाभप्रद है!
मिथुन--->मिथुन राशि वाले जातको के लिए यह माह शिक्षा क्षेत्र में सफलता वाला रहेगा! संतान पक्ष से लाभ मिलेगा, व्यापार सामान्य रहेगा,नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे,कृषि मध्यम रहेगी! यात्रा में हानि  के योग है अत: सोचकर यात्रा करे! दि 9,27 शुभ है,12 अशुभ है! शिवशक्ति आराधना लाभप्रद है!
कर्क--->कर्क राशि वाले जातको के लिए यह माह आर्थिक मजबूती वाला रहेगा! व्यापार में उन्नति होगी,
नौकरी में पदोन्नति होगी,कृषि लाभ देगी! पारिवारिक सुख में वृध्दि होगी,निर्माण कार्य पूर्ण होंगे,बीमार
व्यक्ति को बीमारी से छुटकारा मिलेगा! दि .14,28 शुभ है,24 अशुभ है! श्री कृष्ण आराधना लाभप्रद है!
सिंह--->सिंह राशि वाले जातको के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा! पारिवारिक सुख में वृध्दि होगी, व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि हानि दे सकती है,नौकरी में अवरोध आयेंगे! पिता को तकलीफ हो सकती है,मित्र से सहयोग मिलेगा! दि .12 शुभ है,6 अशुभ है! श्रीराम आराधना लाभप्रद रहेगी!
कन्या--->कन्या राशि वाले जातको के लिए यह माह संतान की उन्नति वाला रहेगा! बेरोजगार को नौकरी
प्राप्त होगी,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि सामान्य रहेगी! जोखिम भरे कार्य न करे हानि हो सकती है! बिधार्थी
के लिए यह माह उत्तम रहेगा! दि .6 शुभ है,9 अशुभ है! श्री रामसीता आराधना शुभ है!
तुला --->तुला राशि वाले जातको के लिए यह माह व्यापार में वृध्दी वाला रहेगा! कृषि लाभ देगी, नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे! परन्तु पारिवारिक विरोध रहेगा,संतान पक्ष को पीड़ा रहेगी,स्थान परिवर्तन के योग है! नये मित्र से मिलन होगा! दि .15 शुभ है, 10 अशुभ है! गायत्री मंत्र लाभप्रद रहेगा!
वृश्चिक--->वृश्चिक राशि वाले जातको के लिए यह माह सामान्य रहेगा! नोकरी में अधिकारी से तालमेल में तकलीफ रहेगी, कृषि सामान्य रहेगी,व्यापर हानि दे सकता है,शारीरिक पीड़ा रहेगी,स्त्री से पीड़ा हो सकती है,यात्रा व् वाहन से हानि के योग है! दि .17शुभ है,25 अशुभ है! शिव आराधना लाभप्रद है!
धनु--->धनु राशि वाले जातको के लिए यह माह लाभ में वृध्दि रहेगा! कृषि लाभ देगी,बेरोजगार को नौकरी प्राप्त होगी! शत्रु पक्ष परास्त होंगे,कोर्ट-कचहरी के मामले में सफलता मिलेगी! परन्तु संतान को पीड़ा हो सकती है ध्यान रखे! दि .6,24 शुभ है,11 अशुभ है! गुरु आराधना लाभप्रद रहेगी!
मकर---->मकर राशि वाले जातको के लिए यह माह व्यापारिक कार्यो में विशेष सफलता वाला रहेगा! कृषि ठीक रहेगी,नौकरी में पदोन्नति होगी! विवाह संबंधी कार्य हल होंगे,माता को कष्ट हो सकता है,किसी मित्र से सहयोग मिलेगा! दि .23,28 शुभ है,4 अशुभ है! राधाकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी!
कुम्भ--->कुम्भ राशि वाले जातको के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा! राजनीति में पद प्राप्त होगा,कृषि लाभ देगी,धार्मिक कार्य से सुख मिलेगा,स्त्री पक्ष से सुख प्राप्त होगा,किसी मित्र के कारण परेशान  होना पड़ेगा! दि .18 शुभ है,23 अशुभ है! देवी आराधना लाभप्रद रहेगी!
मीन--->मीन राशि वाले जातको के लिए यह माह कष्टप्रद हो सकता है! व्यापार हानि दे सकता है,नौकरी में तकलीफ आएगी, कृषि सामान्य रहेगी! जीवन संबंधी विशेष पीड़ा के योग है,पारिवारिक कलह होगा!
दि .10,25 शुभ है,8 अशुभ है! श्रीराम-रक्षा-स्त्रोत्र का पाठ लाभप्रद रहेगा! नवम्वर 2012 में ध्ददश राशियों का फलादेश ----.
मेष--->मेष राशि वाले जातको के लिए यह माह सामाजिक यात्रा वाला रहेगा! व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि
हानि दे सकती है,नौकरी में परेशानी आएगी! नेत्र संबंधी तकलीफ रहेगी,स्त्री पक्ष से विवाद हो सकता है,
किसी के कारण घर में अशांति का वातावरण रहेगा! दि .4,16 शुभ है,7अशुभ है! देवी आराधना लाभप्रद रहेगी!
वृषभ--->वृषभ राशि वाले जातको के लिए यह माह पारिवारिक सुख वाला रहेगा! मांगलिक कार्य होंगे,आर्थिक स्थिति उत्तम होगी,व्यापार अच्छा रहेगा,नौकरी में उन्नति होगी,कृषि लाभ देगी! शत्रु पक्ष कमजोर होंगे! अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे!दि .6,18 शुभ है,5 अशुभ है! राम आराधना लाभप्रद है!
मिथुन--->मिथुन राशि वाले जातको के लिए यह माह शिक्षा क्षेत्र में सफलता वाला रहेगा! संतान पक्ष से लाभ मिलेगा, व्यापार सामान्य रहेगा,नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे,कृषि मध्यम रहेगी! यात्रा में हानि  के योग है अत: सोचकर यात्रा करे! दि 9,27 शुभ है,12 अशुभ है! शिवशक्ति आराधना लाभप्रद है!
कर्क--->कर्क राशि वाले जातको के लिए यह माह आर्थिक मजबूती वाला रहेगा! व्यापार में उन्नति होगी,
नौकरी में पदोन्नति होगी,कृषि लाभ देगी! पारिवारिक सुख में वृध्दि होगी,निर्माण कार्य पूर्ण होंगे,बीमार
व्यक्ति को बीमारी से छुटकारा मिलेगा! दि .14,28 शुभ है,24 अशुभ है! श्री कृष्ण आराधना लाभप्रद है!
सिंह--->सिंह राशि वाले जातको के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा! पारिवारिक सुख में वृध्दि होगी, व्यापार सामान्य रहेगा,कृषि हानि दे सकती है,नौकरी में अवरोध आयेंगे! पिता को तकलीफ हो सकती है,मित्र से सहयोग मिलेगा! दि .12 शुभ है,6 अशुभ है! श्रीराम आराधना लाभप्रद रहेगी!
कन्या--->कन्या राशि वाले जातको के लिए यह माह संतान की उन्नति वाला रहेगा! बेरोजगार को नौकरी
प्राप्त होगी,व्यापार मध्यम रहेगा,कृषि सामान्य रहेगी! जोखिम भरे कार्य न करे हानि हो सकती है! बिधार्थी
के लिए यह माह उत्तम रहेगा! दि .,6 शुभ है,9 अशुभ है! श्री रामसीता आराधना शुभ है!
तुला --->तुला राशि वाले जातको के लिए यह माह व्यापार में वृध्दी वाला रहेगा! कृषि लाभ देगी, नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे! परन्तु पारिवारिक विरोध रहेगा,संतान पक्ष को पीड़ा रहेगी,स्थान परिवर्तन के योग है! नये मित्र से मिलन होगा! दि .5,15 शुभ है, 10 अशुभ है! गायत्री मंत्र लाभप्रद रहेगा!
वृश्चिक--->वृश्चिक राशि वाले जातको के लिए यह माह सामान्य रहेगा! नोकरी में अधिकारी से तालमेल में तकलीफ रहेगी, कृषि सामान्य रहेगी,व्यापर हानि दे सकता है,शारीरिक पीड़ा रहेगी,स्त्री से पीड़ा हो सकती है,यात्रा व् वाहन से हानि के योग है! दि .17शुभ है,25 अशुभ है! शिव आराधना लाभप्रद है!
धनु--->धनु राशि वाले जातको के लिए यह माह लाभ में वृध्दि रहेगा! कृषि लाभ देगी,बेरोजगार को नौकरी प्राप्त होगी! शत्रु पक्ष परास्त होंगे,कोर्ट-कचहरी के मामले में सफलता मिलेगी! परन्तु संतान को पीड़ा हो सकती है ध्यान रखे! दि .6,24 शुभ है,11 अशुभ है! गुरु आराधना लाभप्रद रहेगी!
मकर---->मकर राशि वाले जातको के लिए यह माह व्यापारिक कार्यो में विशेष सफलता वाला रहेगा! कृषि ठीक रहेगी,नौकरी में पदोन्नति होगी! विवाह संबंधी कार्य हल होंगे,माता को कष्ट हो सकता है,किसी मित्र से सहयोग मिलेगा! दि .23,28 शुभ है,14 अशुभ है! राधाकृष्ण आराधना लाभप्रद रहेगी!
कुम्भ--->कुम्भ राशि वाले जातको के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा! राजनीति में पद प्राप्त होगा,कृषि लाभ देगी,धार्मिक कार्य से सुख मिलेगा,स्त्री पक्ष से सुख प्राप्त होगा,किसी मित्र के कारण परेशान  होना पड़ेगा! दि .18 शुभ है,13 अशुभ है! देवी आराधना लाभप्रद रहेगी!
मीन--->मीन राशि वाले जातको के लिए यह माह कष्टप्रद हो सकता है! व्यापार हानि दे सकता है,नौकरी में तकलीफ आएगी, कृषि सामान्य रहेगी! जीवन संबंधी विशेष पीड़ा के योग है,पारिवारिक कलह होगा!
दि .10,25 शुभ है,8 अशुभ है! श्रीराम-रक्षा-स्त्रोत्र का पाठ लाभप्रद रहेगा! 

Saturday, November 3, 2012

नवंबर 2012 : ज्योतिष की नजर से



नवंबर में ग्रहों का राशि परिभ्रमण एवं उनके प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत है।

सूर्य का वृश्चिक राशि पर परिभ्रमण करने से उत्तर के देशों में सुख शांति रहेगी। पूर्व तथा दक्षिण के देशों में पीड़ा एवं पश्चिम के देशों में युद्ध आदि का भय बना रहेगा।

मंगल एवं बुध के भ्रमण से पृथ्वी पर मिला-जुला असर होगा। मंगल के कारण अशांति का वातावरण रहेगा और बुध के कारण शांति का वातावरण होगा। शुक्र के प्रभाव से चावल के भाव तेज होंगे। शनि सामान्य लाभ देगा।

14 नवंबर को बुध वक्री होकर तुला में प्रवेश करेगा। इसके कारण पृथ्वी पर क्लेश-कलह। अशांति का वातावरण रहेगा एवं युद्ध का भय रहेगा। 17 नवंबर को सूर्य अपनी राशि परिवर्तन कर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। फलस्वरूप पश्चिम के देशों में सुख होगा। पूर्व तथा उत्तर के देशों में कष्ट रहेगा। दक्षिण के देशों में कष्ट होगा। 17 नवंबर को शुक्र भी अपनी राशि बदल कर तुला राशि में प्रवेश करेगा। फलस्वरूप पृथ्वी पर क्षेम व आरोग्यता रहेगी।

इस माह की कुंडली को आकाशीय दृष्टि से देखें तो सूर्य के आगे बुध होने से तेज वायु का प्रकोप व शीतलहर के रूप में होगा। कहीं-कहीं बूंदा-बांदी एवं वर्षा होगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश में हल्की वर्षा के साथ शीत लहर होगी।

Thursday, November 1, 2012

कडवा चतुर्थी महिलाए राशि अनुसार कौनसी साड़ी पहने-

कडवा चतुर्थी महिलाए राशि अनुसार कौनसी साड़ी पहने--------------
मेष --->मेष राशि वाली महिलाएँ गुलाबी रंग की साड़ी पहने एवं चंद्रमा के पूजन में गुलाब अवश्य चढ़ाये !
वृषभ --->वृषभ राशि वाली महिलाएँ पीले रंग की साड़ी पहने एवं चन्द्रमा के पूजन   में पिला फूल चढ़ाये !
मिथुन---->मिथुन राशि वाली महिलाएँ हरे रंग की साड़ी पहने एवं चंद्रमा के पूजन में आकड़े के फूल चढाये !
कर्क---->कर्क राशि वाली महिलाये लहरिया साड़ी पहने जिसमे वर्क हो,चंद्रमा के पूजन में सफेद फुल चढ़ाये
सिंह --->सिंह राशि वाली महिलाएँ लाल रंग की साड़ी पहने एवं चंद्रमा के पूजन में
लाल फुल चढ़ाये !
कन्या --->कन्या राशि वाली महिलएँ हरी लाइन वाली साड़ी पहने एवं पूजन में चावल अवश्य चढ़ाये !

तुला--->तुला राशि वाली महिलाएँ गुलाबी रंग की साड़ी जिसमे सफ़ेद धागे की कड़ाई हो पहने एवं पूजन में सफेद गुलाब चढ़ाये !
वृश्चिक --->वृश्चिक राशि वाली महिलाएँ सिंपल ( प्लेन ) साड़ी जिसमे लाल फूल की बनावट हो पहने एवं पूजन में कुकु लाल रंग का प्रयोग करे!
धनु----> धनु राशि वाली महिलाएँ ह्ल्की पीली साड़ी पहने एवं पूजन में पिला व् सफेद फूल चढ़ाए !
मकर---->मकर राशि वाली महिलाएँ कथाई रंग की साड़ी पहने एवं पूजन में आकड़े एवं गेंदे के फूल चढ़ाएं !
कुम्भ --कुम्भ राशि वाली महिलाएँ मेहरून रंग की साड़ी पहने एवं पूजन में लाल गुलाब व् सफेद फुल चढ़ाएं !
मीन -->मीन राशि वाली महिलाएँ नीले रंग की साड़ी पहने एवं पूजन में दुर्बा चढ़ाएं !
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Wednesday, October 24, 2012

रावण दहन का महत्त्व एवं रावण दहन मुहुर्त

रावण दहन का महत्त्व एवं रावण दहन मुहुर्त ----->
राम नाम उर मै गहिओ जा कै सम नही कोई !!
जिह सिमरत संकट मिटै दरसु तुहारे होई !!

जिनके सुन्दर नाम को हध्दय में बसा लेने मात्र से सारे काम पूर्ण हो जाते है !जिनके समान कोई दूजा नाम नही है! जिनके स्मरण मात्र से सरे संकट मिट जाते
है! येसे श्रीराम को कोटि-कोटि प्रणाम करता है !प्रभु ने रावण रूपी बुराई को ख़त्म करने के लिए मनुष्य का रूप धारण किया! प्रभु श्री राम की भक्ति को कलयुग में सिर्फ नाम के आधार पर पूर्ण बताई है !
कलयुग जोग न जग्य न ग्याना !
एक आधार राम गुण गाना !!
अर्थात कलयुग में ना तो योग ,ना यज्ञ और न ज्ञान का महत्व है ,एक मात्र राम का गुणगान ही जीवो का उद्धार है संतो का कहना है ,कि प्रभु श्री राम की सेवा में कपट ,दिखावा,छल नहीं अपितु आन्तरिक भक्ति का ही महत्व है , अर्थात दशहरे पर रावण  नहीं अपितु आंतरिक छल -कपट ,द्वेष के रावण को जला दो ,

दशहरा पर्व पर शमी पूजन का महत्व

दशहरा पर्व पर शमी पूजन का महत्व


भारतीय परंपरा में विजयादशमी पर शमी पूजन का पौराणिक महत्व रहा है। जन मानस में विजयादशमी 'दशहरा' के नाम से भी प्रचलित है। श्रद्धालुओं द्वारा दशहरा पर सायंकाल शमी वृक्ष का पूजन कर उससे आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस परंपरा के पीछे शमी वृक्ष का महत्व छुपा है।

आश्विन (क्वार) माह के दशहरे के दिन अपराह्न को शमी वृक्ष के पूजन की परंपरा विशेष कर क्षत्रिय व राजाओं में रही है। आज भी यह परंपरा कायम है। कहते हैं कि ऐसा करने से मानव पवित्र हो जाता है। इसके लिए घर या गांव के ईशान कोण (पूर्वोत्तर) में स्थित शमी का वृक्ष विशेष लाभकारी माना गया है।

दशहरे के दिन शमी वृक्ष का पूजन अर्चन व प्रार्थना करने के बाद जल और अक्षत के साथ वृक्ष की जड़ से मिट्टी लेकर गायन-वादन और घोष के साथ अपने घर आने के निर्देश हैं।

शमी पूजा के कई महत्वपूर्ण मंत्र भी हैं जिनका उच्चारण किया जाता है। इन मंत्रों में भी अमंगलों और दुष्कृत्य का शमन करने, दुस्वप्नों का नाश करने वाली, धन देने वाली, शुभ करने वाली शमी के प्रति पूजा अर्पित करने की बात कही गई है। कहते हैं कि लंका पर विजय पाने के बाद राम ने भी शमी पूजन किया था।

नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा भी शमी वृक्ष के पत्तों से करने का शास्त्र में विधान है। इस दिन शाम को वृक्ष का पूजन करने से आरोग्य व धन की प्राप्ति होती है।

दशहरे पर शमी के वृक्ष की पूजन परंपरा हमारे यहां प्राचीन समय से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने के पूर्व शमी वृक्ष के सामने शिश नवाकर अपनी विजय हेतु प्रार्थना की थी।

महाभारत के संदर्भ से पता चलता है कि पांडवों ने देश निकाला के अंतिम वर्ष में अपने हथियार शमी के वृक्ष में ही छिपाए थे। संभवतः इन्हीं दो कारणों से शमी पूजन की परंपरा प्रारंभ हुई होगी।

शमी वृक्ष तेजस्विता एवं दृढ़ता का प्रतीक भी माना गया है, जिसमें अग्नि तत्व की प्रचुरता होती है। इसी कारण यज्ञ में अग्नि प्रकट करने हेतु शमी की लकड़ी के उपकरण बनाए जाते हैं।

आयुर्वेदिक दृष्टि में तो यह अत्यंत गुणकारी औषधि मानी जाती है। शमी वृक्ष के संदर्भ में कई पौराणिक कथाओं का आधार विद्यमान है। यज्ञ परंपरा में शमी के पत्तों का हवन गुणकारी माना गया है।

शमी का पेड़ (प्रोसोपिस सिनरेरिया) 8-10 मीटर ऊंचा होता है। शाखाओं पर कांटे होते हैं। पत्तियां द्विपक्षवत होती हैं। शमी के फूल छोटे पीताभ रंग के होते हैं। प्रौढ़ पत्तियों का रंग राख जैसा होता है इसीलिए इसकी प्रजाति का नाम सिनरेरिया रखा गया है अर्थात राख जै
दशहरा पर्व पर शमी पूजन का महत्व
अमंगल का हरण करता है शमी

भारतीय परंपरा में विजयादशमी पर शमी पूजन का पौराणिक महत्व रहा है। जन मानस में विजयादशमी 'दशहरा' के नाम से भी प्रचलित है। श्रद्धालुओं द्वारा दशहरा पर सायंकाल शमी वृक्ष का पूजन कर उससे आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस परंपरा के पीछे शमी वृक्ष का महत्व छुपा है।

आश्विन (क्वार) माह के दशहरे के दिन अपराह्न को शमी वृक्ष के पूजन की परंपरा विशेष कर क्षत्रिय व राजाओं में रही है। आज भी यह परंपरा कायम है। कहते हैं कि ऐसा करने से मानव पवित्र हो जाता है। इसके लिए घर या गांव के ईशान कोण (पूर्वोत्तर) में स्थित शमी का वृक्ष विशेष लाभकारी माना गया है।

दशहरे के दिन शमी वृक्ष का पूजन अर्चन व प्रार्थना करने के बाद जल और अक्षत के साथ वृक्ष की जड़ से मिट्टी लेकर गायन-वादन और घोष के साथ अपने घर आने के निर्देश हैं।

शमी पूजा के कई महत्वपूर्ण मंत्र भी हैं जिनका उच्चारण किया जाता है। इन मंत्रों में भी अमंगलों और दुष्कृत्य का शमन करने, दुस्वप्नों का नाश करने वाली, धन देने वाली, शुभ करने वाली शमी के प्रति पूजा अर्पित करने की बात कही गई है। कहते हैं कि लंका पर विजय पाने के बाद राम ने भी शमी पूजन किया था।

नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा भी शमी वृक्ष के पत्तों से करने का शास्त्र में विधान है। इस दिन शाम को वृक्ष का पूजन करने से आरोग्य व धन की प्राप्ति होती है।

दशहरे पर शमी के वृक्ष की पूजन परंपरा हमारे यहां प्राचीन समय से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने के पूर्व शमी वृक्ष के सामने शिश नवाकर अपनी विजय हेतु प्रार्थना की थी।

महाभारत के संदर्भ से पता चलता है कि पांडवों ने देश निकाला के अंतिम वर्ष में अपने हथियार शमी के वृक्ष में ही छिपाए थे। संभवतः इन्हीं दो कारणों से शमी पूजन की परंपरा प्रारंभ हुई होगी।

शमी वृक्ष तेजस्विता एवं दृढ़ता का प्रतीक भी माना गया है, जिसमें अग्नि तत्व की प्रचुरता होती है। इसी कारण यज्ञ में अग्नि प्रकट करने हेतु शमी की लकड़ी के उपकरण बनाए जाते हैं।

आयुर्वेदिक दृष्टि में तो यह अत्यंत गुणकारी औषधि मानी जाती है। शमी वृक्ष के संदर्भ में कई पौराणिक कथाओं का आधार विद्यमान है। यज्ञ परंपरा में शमी के पत्तों का हवन गुणकारी माना गया है।

Sunday, October 21, 2012

कल का मुहुर्त

कल का मुहुर्त --->कल का दिन आप के लिए माँ महागौरी ( देवी का आठ्वा रूप )  प्रकाशमय करे ! कल आप कुछ नया कार्य करने जा रहें है,कुछ लेने जा रहे है,तो रुकिए हर कार्य करने के पहले कुछ विचार करे एवं अच्छा समय देखे ,ये सब देखने के लिए हमारा कल का मुहुर्त कॉलम पढ़े !
अंग्रेजी माह -->अक्टुम्बर 
अंग्रेजी तारीख --> 22
वार -- सोमवार
शालिवाहन - सम्वंत- 2069
 शक सवंत--
1934
 सम्वत्वसर का नाम- विश्र्वावसु

अयन--दक्षिणायन
ऋतु--शरद
पक्ष--शुक्ल
तिथि--> अष्टमी   
हिजरी सन--1433
मुस्लिम माह--जिल्हेज 
तारीख--05
योग--  मृत्यु !
करण--- विष्टि
चंद्रमा-- पुरे समय मकर का !    
ग्रहयोग---नौ रात्रि
दिन का पर्व--दुर्गाष्टमी,दुर्गा पूजन   
दिशा-शूल--पूर्व
मुहूर्त-- नामकरण संस्कार मुहुर्त !  
शुभ समय--प्रात:06.00से 07.30, 09 .00 से 10 .30, दोपहर 3 से शाम 6 तक !   
सुझाव-!घर के अंदर मंदिर ईशान कोण में होना चाहिए !  

Saturday, October 20, 2012

कल का मुहुर्त

कल का मुहुर्त --->कल का दिन आप के लिए उन्नतिशील रहें ! कल आप कुछ नया कार्य करने जा रहें है,कुछ लेने जा रहे है,तो रुकिए हर कार्य करने के पहले कुछ विचार करे एवं अच्छा समय देखे ,ये सब देखने के लिए हमारा कल का मुहुर्त कॉलम पढ़े !
अंग्रेजी माह -->अक्टुम्बर 
अंग्रेजी तारीख --> 21
वार -- रविवार
शालिवाहन - सम्वंत- 2069
 शक सवंत--
1934
 सम्वत्वसर का नाम- विश्र्वावसु

अयन--दक्षिणायन
ऋतु--शरद
पक्ष--शुक्ल
तिथि--> सप्तमी  
हिजरी सन--1433
मुस्लिम माह--जिल्हेज 
तारीख--04
योग--  शुभ,त्रिपुष्कर योग ,सर्वसिद्धि योग
करण--- गर
चंद्रमा-- धनु दिन में एवं रात्रि 3:13 से मकर का !    
ग्रहयोग---नौ रात्रि
दिन का पर्व--सप्तमी पूजन   
दिशा-शूल--नैऋत्य
मुहूर्त-- सरस्वती पूजन, धान्यछेदन 
शुभ समय--प्रात: 09 .00 से 12 .00 दोपहर, 1.30 दोपहर 3 तक !   
सुझाव--घर के मुख्य द्वार पर मोरपंख एवं मुरली लगाने से नकारात्मक उर्जा घर में नही आती !  

Thursday, October 18, 2012

कल का मुहुर्त

कल का मुहुर्त

कल का दिन आप के लिए माँ कुष्मांडा(देवी का चौथा रूप)के आशीर्वाद से हर्षो-उल्लास से परिपूर्ण रहे !कल आप कुछ करने जा रहे है,तो रुकिए ये कार्य करने के पहले कुछ विचार करे एवं अच्छा समय देखे ,ये सब समझने के लिए हमारा कल का मुहुर्त कॉलम पढ़े !
अंग्रेजी माह -->अक्टुम्बर

अंग्रेजी तारीख --> 19
वार --शुक्रवार
शालिवाहन - सम्वंत- 2069
 शक सवंत--
1934
 सम्वत्वसर का नाम- विश्र्वावसु
अयन--दक्षिणायन
ऋतु--शरद
पक्ष--शुक्ल
तिथि-->चतुर्थी व पंचमी (चतुर्थी छे )Navaratri
MAA SKANDMATA

हिजरी सन--1433
मुस्लिम माह--जिल्हेज
तारीख--02
योग-- चर   
करण---विष्टि
चंद्रमा--- प्रात:से वृश्चिक का,रात्रि 2 बजकर 24 मिनट से धनु का ! 
ग्रहयोग---नौरात्रि उत्सव
दिन का पर्व---शरद नौरात्रि का चौथा दिन,देवी के चौथे रूप कुष्मांडा एवं पांचवा रूप स्कन्दमाता का पूजन
दिशा-शूल-नैऋत्य 
मुहूर्त--- भद्रा
शुभ समय--प्रात: 7:29 से 10:29,दोपहर 11:59 से 1:29 तक   
  सुझाव--- नवरात्रि में प्रात: रामरक्षास्त्रोत का पाठ करने से घर में सुख-शान्ति आती है

Wednesday, October 17, 2012

कल का मुहुर्त

कल का मुहुर्त

कल का दिन आप के लिए आनन्दमय रहें !माँ चंद्रघंटा (देवी का तीसरा रूप ) आपके जीवन को आनन्दमय करे! कल आप कुछ करने जा रहे है,तो रुकिए ये कार्य करने के पहले कुछ विचार करे एवं अच्छा समय देखे ,ये सब समझने के लिए हमारा कल का मुहुर्त कॉलम पढ़े !
अंग्रेजी माह -->अक्टुम्बर

अंग्रेजी तारीख --> 18
वार --गुरुवार
शालिवाहन - सम्वंत- 2069
 शक सवंत--
1934
 सम्वत्वसर का नाम- विश्र्वावसु
अयन--दक्षिणायन
ऋतु--शरद
पक्ष--शुक्ल
तिथि-->तीज
हिजरी सन--1433
मुस्लिम माह--जिल्हेज
तारीख--01
योग-- आनंद    
करण--- गर  
चंद्रमा-पुरे समय वृश्चिक का ! 
ग्रहयोग---नौरात्रि उत्सव,तुला में सूर्य !
दिन का पर्व---शरद नौरात्रि का तीसरा दिन,देवी के तीसरे रूप चंद्रघंटा देवी का पूजन,वैनायकी चतुर्थी व्रत  
दिशा-शूल-अग्नि
मुहूर्त-सर्वासिध्दी योग ! 
शुभ समय--सुबह 06.00 से 07.30, दोपहर 12:00 से03.00,शाम 04.30 से 06.00 तक!
सुझाव-- मछली को दाना ( भोजन ) देने से व्यापार वृध्दि होती है!