Total Pageviews

Friday, February 17, 2012

शिवरात्रि के दिन करे वैदिक शिव पूजन

शिवरात्रि के दिन करे घर पर साधारण संक्षिप्त शिव पूजन,एवं पाए शिव जी का आशीर्वाद प्रसाद !वैदिक शिव पूजन --> भगवान शंकर की पूजा के समय शुध्द आसन पर बैठकर पहले आचमन,पवित्री- धारण करके - शरीर-शुध्दी एवं आसन शुध्दी कर  लेनी चाहिए ! तत्पश्चात पूजन-सामग्री को यथास्थान रखकर रक्षादीप प्रज्वलित कर ले!

तदनन्तर स्वस्ति-पाठ करे!इसके बाद पूजन का संकल्प कर भगवान गणेश एवं गोरी (भगवती ) का स्मरण कर पूजन करना चाहिए ! यदि हम रुद्राभिषेक,लघुरुद्र,महारुद्र इत्यादी विशेष अनुष्टान कर रहे है, तो नवग्रह,कलश, षोडश-मात्रका का भी पूजन करना चाहिए !
संकल्प,गणेश,भगवती पूजन के बाद नन्दीश्वर, वीरभद्र,कार्तिकेय एवं सर्प का संक्षिप्त पूजन करना चाहिए ! इसके पश्चात हाथ में विल्वपत्र एवं अक्षत लेकर भगवन शिव का ध्यान करे!
यदि पूजन घर में आप ही कर रहे है,तो साधारण पूजन ही करे, साधारण पूजन से ही भगवान शिव प्रसन्न हो जाते है! ध्यान के बाद आसन, आचमन,स्नान पय:स्नान,दधिस्नान,घीस्नान,मधुस्नान,शक्करस्नान कराए !
इसके बाद भगवान को पंचा-म्रत स्नान कराए! फिर गंधोदकस्नान कराए फिर शुध्द स्नान कराए!
फिर भगवान शिव को वस्त्र चढ़ाये वस्त्र के बाद जनेऊ चढाये फिर गंध,इत्र, अक्षत,पुष्पमाला,विल्वपत्र चढाये!
फिर नानापरिमलद्रव्य भगवान शिव को चढ़ाये! इसके पश्चात धुप-दीप बताये, हाथ धोकर भोलेनाथ को नैवेध
लगाये! नैवेध के बाद फल,ताम्बुल-पूगीफल,दक्षिना चराकर आरती करे ! इसके बाद क्षमा-याचना करे!
इस प्रकार संक्षिप्त पूजन करने से ही भगवान शिव प्रसन्न होकर आपके मनोरथ पूर्ण करेगे ! 





Wednesday, February 15, 2012

महामृत्युंजय जप किन परिस्तिथियों में करे!

महामृत्युंजय जप--ये जप किन परिस्तिथियों में करे! यह जप करने के पहले आप स्तिथि को समझे यदि निम्न
परिस्तिथि है, तो ही महामृत्युंजय जप किया जाता है !
१.--> किसी महारोग से कोई पीड़ित हो! अथवा जन्म-कुंडली  में गोचर एवं दशा,महादशा, स्थुलदशा आदि में ग्र्ह्पिदा होने का योग हो!
२.--> भाई अलग-अलग हो रहे हो!
३.--> गाँव/शहर/नगर में हैजा प्लेग इत्यादी से निवासी मर रहे हो!
४.--> राजभय हो!
५.--> मेलापक (लड़का-लड़की के गुण मिलाप) में नाड़ी दोष,षडाष्टक दोष आता हो !
६.-->मन धर्म के विपरीत जा रहा हो!
७.--> मनुष्यों में आपस में घोर क्लेश हो रहा हो !
किस  स्तिथि  में कितने जप करे !
किसी प्रकार का सामान्य रोग हो या स्वप्न हुआ हो, तो सवा लाख जप कराना चाहिए ! यात्रा का भय हो, एक हजार जप कराना चाहिए! राज-प्राप्ति के लिए,मन- सम्मान, इष्ट सिध्दी के लिए सवा लाख जप कराना चाहिए !
       

Monday, February 13, 2012

वेलेंटाइन -डे-

मनुष्य के जीवन में  कई प्रकार के उतार-चढाव आते है!,जीवन की शुरुवात बचवन से होती है, फिर शिक्षा, शिक्षा अर्जित करने के  बाद  अपने कर्तव्यो की पूर्ति के लिए वह सर्विस या व्यापार करता है! सुचारू -रूप से अपने कर्तव्यो की पूर्ति के लिए के लिए उसे  एक जीवन - साथी की आवश्यकता होती है! जीवन  की यह शुरुवात सामान्यता: माता-पिता अथवा पालक या जो भी जिम्मेदार  घर में होता है, उसके ध्दारा रिश्ता तय कर शादी कर दी जाती है! कभी- कभी ये रिश्ता मनपसन्द शादी (लव मेरिज) से भी हो जाता है, इस योग में मनुष्य की  कुंडली बहुत महत्वपूर्ण होती है! 
जानिए !
      जिस जातक (मनुष्य ) की कुंडली वृषभ लग्न,कर्क लग्न, तुला लग्न, मेष लग्न,वृश्चिक लग्न तथा कुम्भ लग्न वाली होती है, तो यह योग बनता है यदि ये लग्न वाली पत्रिका है तो उसमे पंचम भाव एवं सप्तम भाव का भी प्रभाव देखना होगा!  क्योकि विवाह में पंचम भाव एवं सप्तम भाव का संबध होता है! यदि जातक की कुंडली में पंचम भाव एवं सप्तम भव के स्वामी एक साथ बैठे हो, अथवा द्रष्टि संबंध हो ( एक दुसरे की द्रष्टि पर रही हो) तो प्रेम विवाह अवस्य होता है! क्योकि पंचम भाव प्रेम भावना का स्थान है तथा सप्तम भाव विवाह का स्थान है! इसी के साथ प्रेम विवाह के लिए मंगल -शुक्र,मंगल-शनि,चन्द्र शुक्र की युक्ति भी ये योग बनाती है !
      

Thursday, February 9, 2012

वेलेंटाइन -डे-

वेलेंटाइन -डे--->अपने साथी को खुश करने वाला दिन,  यह पुरे  एक सप्ताह चलता है. ७फरवरी से १४ फरवरी तक ! १४ फरवरी को विशेष दिन रहता है! अपने साथी को क्या देकर खुश करे, देखे राशी अनुसार !
मेष -->मेष राशी वालेजातक अपने साथी को अथवा अपने प्रेमी को लाल गुलाब दे,एवं पहाड़ो वाली सीनरी (फोटो) दे!एवं गणेश जी के -  दर्शन करने ले जाये,आपका रिश्ता मीठा बना रहेगा !
वृषभ-->  इस राशी वालेजातक  अपने साथी को खुश करने के लिए अपने साथी या प्रेमी को सफ़ेद गुलाब दे, कन्या की फोटो दे! एवं अपने साथी के साथ दुर्गा देवी के मन्दिर जाये उनको जसवन्ति का फुल चढ़ाये ! आपका साथी खुश हो  जायेगा! 
मिथुन -->इस राशी वाले जातक अपने साथी को खुश करने के लिए अपने साथी को हरी वस्तु का तोहफा दे, एवं किसी हरेभरे - वगीचे की फोटो दे, इसी के साथ भगवान शिव के दर्शन करने ले जाये! 
कर्क -->इस राशी वालेजातक  अपने साथी को खुश करने के लिए सफ़ेद गुलाब दे, एवं कुबेर का फोटो दे! साथ ही अपने साथी को लक्ष्मी -नारायण मन्दिर लेकर जाये !यदि रिश्ते में खटास होगी, तो वह मिठास में वदल जाएगी!
सिह -->इस राशी वालेजातक अपने साथी को खुश करने के लिए गर्म कपड़े का तोहफा दे, एवं उगते सूर्य की तस्वीर दे! साथ ही विष्णु भगवान के दर्शन करने जाये! 
कन्या -->इस राशी वाले अपने साथी को हरे कपड़े का तोहफा दे,एवं बहते झड़ने का फोटो दे! इसी के साथ राधा-कृष्ण के दर्शन करने जाये! जीवन भर साथ रहेगा !
तुला -->इस राशी वाले जातक अपने साथी को सफ़ेद गुलाब का फुल दे, एवं दुर्गा जी का फोटो दे! इसी के साथ शिव परिवार के दर्शन करे! 
वृश्चिक -->:     इस राशी वाले जातक अपने साथी को  लाल उनी वस्त्र का तोहफा दे, एवं आसमान की -तस्वीर दे जिसमे सूर्य के साथ तारे भी हो! रिध्दी-सिध्दी सहित गणेश जी के दर्शन करे!
धनु -->   इस राशी वाले जातक अपने साथी को पीला गुलाब का तोहफा दे, एवं किसी संत की फोटो दे! इसी के साथ साई या दतात्रये भगवान के दर्शन करने जाये! 
मकर --> इस राशी वाले जातक अपने साथी को चावी का छल्ला या पायजेव ( चम्पक ) का तोहफा दे, 
एवं राम दरवार की फोटो दे! साथ ही राम सीता के दर्शन करने जाये!
कुम्भ -->इस राशी वाले जातक अपने साथी को रुद्राक्ष का तोहफा दे, एवं गाय बछड़े की फोटो जिसमे क्रष्ण भी हो दे! साथ ही हनुमान जी के  दर्शन कने जाये! 
मीन-->इस राशी वाले जातक अपने साथी को नीले वस्त्र का तोहफा दे, एवं बहते झड़ने या बहती नदी की फोटो दे! साथ ही गुरु के दर्शन करने जाये!  

Friday, February 3, 2012

फरवरी 2012 : ज्योतिष की नजर से

 

ग्रहों का राशियों पर परिभ्रमण एवं नक्षत्रों में प्रवेश करने से जन-साधारण और प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है। जानिए फरवरी माह में इन ग्रहों का देश, समाज और प्रकृति पर क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा :

फरवरी माह में स्वर्ण, चांदी, तांबा इत्यादि का भाव तेज ही रहेगा। बुध का मकर राशि पर परिभ्रमण अनाज के भाव को सामान्य बनाएगा। इससे व्यापारी वर्ग में कुछ असंतोष हो सकता है। प्रजा संतोष का अनुभव करेगी। शुक्र 4 फरवरी से मीन राशि पर परिभ्रमण करेगा। 'मीनराशिगते शुक्रे भुभिक्षं प्रचुरं भवेता' - जिससे सुख का प्रभाव रहेगा। पृथ्वी पर आमजन सुख का अनुभव करेंगे। शनि भी अच्छा लाभ पहुंचाएगा। कृषक एवं अन्य लोगों को सुख देगा।

सूर्य का मकर राशि परिवर्तन कर कुंभ राशि में प्रवेश करने से उत्तर के देशों में शांति होगी। पूर्व तथा पश्चिम के देशों में पी‍ड़ा रहेगी। आम जनता कष्ट में रहेगी एवं दक्षिण के देशों में युद्ध का भय रहेगा।

बुध का नक्षत्र परिवर्तन कर कुंभ राशि वाले नक्षत्र में प्रवेश करने से अनाज का भाव समभाव बना रहेगा। जिससे प्रजा एवं कृषक दोनों ही सुखी होंगे एवं जन-साधारण सुख का एहसास करेंगे।

फरवरी माह में ग्रहों का राशियों पर परिभ्रमण एवं नक्षत्रों पर प्रभाव जनसाधारण को सामान्य रखेगा।

फरवरी की माह कुंडली में मौसम से संबंधित दृष्‍टि डाले तो सूर्य के समीप शुक्र स्थित है। इसके प्रभाव से पर्वतीय भागों में शीत-लहर के साथ कहीं-कहीं हल्की बौछार होगी।

उत्तराखंड, हिमाचलप्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में शीत का प्रकोप रहेगा। साथ ही ओलावृष्टि की संभावना बनती है। मैदानी भागों में ऋतु परिवर्तन के लक्षण दिखाई देने लगेंगे। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचलप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मप्र में बादल के साथ-साथ बूंदाबांदी तो कहीं वर्षा भी होगी।

फरवरी २०१२ एवं आपकी राशी

- सुरेंद्र बिल्लौरे


मेष :
मेष राशि वाले जातकों के लिए फरवरी माह कार्यों में सफलता वाला रहेगा। व्यापारी वर्ग को अच्छा लाभ मिलेगा। वाहन विक्रेता को विशेष लाभ के योग है। धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी। ‍किसी पुराने मित्र से मिलन के योग है। किसी के बहकावे में आकर गलत कार्य न करें। नौकरी में उन्नति होगी। दिनांक 5, 15 शुभ है। 23 अशुभ है। राधा-कृष्ण की सेवा करें।

वृषभ :
वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्यों वाला रहेगा। धार्मिक, सामाजिक यात्रा होगी। न्यायालय संबंधित कार्य में सफलता मिलेगी। नौकरी वालों के स्थानांतरण के योग बनते है। पारिवारिक समस्या रहेगी। कृषि लाभ प्रदान करेगी। मित्र से सहयोग मिलेगा। व्यापार मध्यम रहेगा। दिनांक 8, 27 शुभ है। 18 अशुभ। राम स्तुति लाभप्रद है।

मिथुन :
मिथुन राशि वाले जा‍तकों के लिए यह माह भाग्य उदय वाला रहेगा। विद्यार्थी वर्ग के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे। संत‍ान से लाभ मिलेगा। नि:संतान को संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। संगति का ध्यान रखे, कुसंगति से हानि के योग बनते हैं। व्यर्थ की चिंता सताएगी। किसी से मन का राज न कहें। व्यापार में हानि के योग। कृषि लाभ होगा। दिनांक 5, 15 शुभ। 11 अशुभ। शिव आराधना करें।

कर्क :
कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह पदोन्नति वाला रहेगा। धार्मिक कार्य के योग बनते है। नए वाहन का सुख प्राप्त होगा। घर में मांगलिक कार्य होंगे। किसी रिश्तेदार से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभ देगा। कृषि मध्यम रहेगी। नारी वर्ग से सावधान रहे। परिवार में क्लेश के योग बनते हैं। ध्यान दें। दिनांक 11, 20 शुभ है। 28 अशुभ। दुर्गा स्तुति लाभप्रद है।

सिंह :
सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह संतान से लाभ वाला रहेगा। नौकरी वालों को स्थान परिवर्तन की समस्या हो सकती है। कृषि से हानि के योग बनते है। अ‍शांति रहेगी। पुराने मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। माता को कष्ट के योग बनते हैं। पारिवारिक समस्या के लिए शिव शक्ति की आराधना करें। दिनांक 7, 18 शुभ है। 10 अशुभ है।

कन्या :
कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह धन-समृद्धि वाला रहेगा। धार्मिक कार्य में रुचि जागृत होगी। परंतु पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है। शत्रु अवरोध उत्पन्न करेंगे। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार अच्छा रहेगा। नौकरी में अधिकारी वर्ग खुश होंगे। कृषि मध्यम रहेगी। स्त्री से अनबन की स्थिति रहेगी। दिनांक 17, 28 शुभ है। 19 अशुभ। श्रीकृष्‍ण की आराधना लाभप्रद है।

तुला :
तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार में उन्नति वाला रहेगा। भूमि-भवन से लाभ मिलेगा। शारीरिक स्वस्थता रहेगी। अकारण विरोध का सामना करना पड़ेगा। व्यय अधिक होगा। पत्नी से सहयोग प्राप्त होगा। शत्रु से सावधान रहे। दिनांक 3, 15 शुभ है। 13 अशुभ। राधा-कृष्ण की आराधना शुभ है।

वृश्चिक :
वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह नौकरी में उन्नति वाला रहेगा। विदेश यात्रा के योग है। मानसिक बैचेनी रहेगी। व्यापार सामान्य रहेंगे। मित्र से झगड़े की संभावना बनती है। रिश्तेदार, ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। गुरु का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कृषि सामान्य रहेगी। दिनांक 13, 14 शुभ है। 25 अशुभ है। गायत्री मंत्र का जप करें।

धनु :
धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह न्यायिक कार्यों में सफलता वाला रहेगा। भवन क्रय करने की योजना बनेगी। कुटुंब परिवार से लाभ मिलेगा। आ‍कस्मिक धन लाभ के योग है। व्यापार अच्छा रहेगा। नौकरी में अधिकारी वर्ग का ध्यान रखें। कृषि लाभ देगी। पत्नी से सहयोग मिलेगा। पुराने मित्र से धोखा हो सकता है। दिनांक 9, 18 शुभ है। 3 अशुभ। देवी आराधना लाभप्रद रहेगी।

मकर :
मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह प्रतिष्ठा वृद्धि वाला रहेगा। राजनैतिक लाभ मिलेगा। रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। किसी धार्मिक, सामाजिक यात्रा के योग है। पुराने मित्र से मिलन होगा। व्यापार में लाभ मिलेगा। कृषि सामान्य रहेगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न होंगे। दिनांक 7, 22 शुभ है। 9 अशुभ। राधा-कृष्ण की भक्ति करें।

कुंभ :
कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्य वाला रहेगा। धार्मिक रुचि बढ़ेगी। शत्रु का विरोध बढ़ सकता है। पत्नी से सहयोग प्राप्त‍ होगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषकों के लिए समय लाभप्रद रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। दिनांक 6, 18 शुभ है। 20 अशुभ है। रामभक्ति लाभदायक रहेगी।

मीन :
मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह कृषि भूमि खरीदने के योग वाला रहेगा। पारिवारिक सुख मिलेगा। विद्यार्थी को शिक्षा में सफलता मिलेगी। बेरोजगार को नौकरी प्राप्त होगी। वाहन हानि के योग है अत: ध्यान दें। व्यापार मध्यम रहेगा। मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। बहन के परिवार में कष्ट हो सकता है। दिनांक 10, 27 शुभ है। 13 अशुभ। राधा-कृष्ण की आराधना शुभ है। 

Tuesday, January 31, 2012

रितेश देशमुख एवं जेनेलिया

रितेश देशमुख एवं जेनेलिया का प्रेम विवाह होना, सफलातायो में  बिघ्न उत्पन्न करेगा. दोनों के ग्रह मैत्री
योग नही मिलते !भ्र्गुठ दोष भी है .रितेश का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ है एवं जेनेलिया का जन्म ज्येष्ठा      
नक्षत्र में हुआ है, रितेश की जन्म राशी मिथुन एवं जेनेलिया की  जन्म राशी  वृश्चिक है. जो कि आपस में षडाष्टक योग बनाती है! जिसके परिणाम में मृत्यु या बैर होता है  अर्थात दोनों में से एक को मृत्यु याउसके समान कष्ट है.अथवा दोनों का विच्छेद होगा! जेनेलिया कि लग्न कुंडली पर ध्यान दे ,तो उसको मंगल है. जबकि रितेश को नही है.रितेश का चन्द्र साधारण सफलता देता है,परन्तु जेनेलिया का चन्द्र लोक विख्यात बनाता है रितेश का सूर्य अच्छा भविष्य देता है. जेनेलिया का सूर्य उसको उग्र स्वभाव का बनाता है! रितेश का मंगल विख्यात करता है एवं जेनेलिया का मंगल आर्थिक सम्पन्न करेगा. परन्तु गृहस्थ जीवन में दोनों के विचारो का तालमेल कम बैठनेके योग बनाते है! बुध के कारण रितेश जेनेलिया दोनों कमजोर पड़ सकते है. जेनेलिया को विरोध का सामना करना पड़ सकता है! दोनों  का गुरु धनी बनाता है, संतान योग नाड़ीदोष के कारण कम है ,परन्तु गुरु ये  योग बनाता  है. रितेश को शुक्र इसरिश्ते  में सामान्य एवं क्षमा -शील बनाता है, परन्तु जेनेलिया का शुक्र घमंडी बना सकता है! शनि भी ग्रहस्थ जीवन में सफलता कम देता है! 
सारेग्रहों की स्थिति एवं उनकी द्रष्टि से देखा जाये, तो यह विवाह सफल होना असम्भव है! दोनों को तालमेल के लिए बहुत समझोते करना पड़ेगे !
दोनों ने मंगल के लिए नाशिक या उज्जैन में मंगल -भात पूजन अवस्य करना चाहिए ! एवं नों ग्रहशांति का पूजन,जप करना चाहिए!



Saturday, January 14, 2012

मकर संक्रांति 14 जनवरी2012

 
- सुरेंद्र बिल्लौरे
Sankranti Puja

मकर संक्रांति 14 जनवरी2012   को सूर्य अपनी राशि बदलकर धनु राशि से मकर राशि में परिभ्रमण करेगा। सूर्य के मकर राशि पर परिभ्रमण से बारह राशियों पर विभिन्न प्रभाव दिखाई देंगे। प्रस्तुत है राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव और उनके ज्योतिषीय उपाय।

मेष- मेष राशि पर मकर का सूर्य आर्थिक परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ देता है। मित्र या रिश्तेदारी में लड़ाई करा सकता है। आकस्मिक घटनाएं होने की संभावना बनाता है।
उपाय- ॐ सूर्याय नम: बोलकर सूर्य को अर्घ्य दें।

वृष- मानसिक परेशानी के साथ धन हानि देता है। शत्रुओं से कष्ट दिला सकता है एवं शत्रु की संख्या बढ़ाता है। फिजूल खर्च एवं मान-सम्मान की कमी कराता है।
उपाय- आदित्यह्रदय स्त्रोत का पाठ करें, माणिक धारण करें

मिथुन- मनोकामना पूर्ण कराएगा एवं सर्विस वालों की पदोन्नति भी दिलाएगा। सुख-शांति एवं आर्थिक संपन्न करेगा। कहीं से पुरस्कार दिलाएगा।
उपाय- तांबे की वस्तु दान करें।

कर्क- पुराने, बिछड़े हुए साथियों को मिलाएगा। घर में मांगलिक कार्य कराएगा एवं सुख शांति प्रदान करेगा।
उपाय- गंगा जल से स्नान करें अथवा तीर्थ यात्रा करें
सिंह- मानसिक रोग में सुधार होगा। परंतु वाहन दुर्घटना अथवा सामान्य दुर्घटना हो सकती है। इसी के साथ आर्थिक तंगी दे सकता है।
उपाय- माणिक, कमल का फूल, गुड़, लाल चंदन, लाल-वस्त्र, तांबा, केसर, स्वर्ण रविवार को दान करें।

कन्या- स्वभाव में उग्रता लाएगा। धन हानि के साथ मान-सम्मान में कमी ला सकता है। परिवार के साथ दूरी बना सकता है।
उपाय- माणिक के साथ सोने का दान करें।

तुला- सामाजिक एवं धार्मिक यात्रा कराएगा। आर्थिक कष्ट के साथ परिवार से दूरी करा सकता है।
उपाय- आदित्यह्रदय स्त्रोत का पाठ करें।

वृश्चिक- उन्नति अथवा सुव्यवस्थित पद दिलाएगा। परिवार में सुख-शांति एवं सम्मान को बढ़ाएगा। इसी के साथ स्वास्थ्य सुधार होगा।
सुझाव - ॐ सूर्याय नम: मंत्र से सूर्य का जप करें

धनु- वैवाहिक सुख में कमी करा सकता है। घर में बीमारी के साथ आर्थिक कष्ट दे सकता है।
उपाय- लाल चंदन, तांबा, गुड़ रविवार को दान करें।

मकर- अधिकारियों से परेशानी हो सकती है। दुर्घटना से सावधान रहें। मानसिक परेशानी के साथ बीमारी दे सकता है।
उपाय- लाल फूल एवं कंकू डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

कुंभ - शत्रुओं पर विजय प्राप्त कराएगा। मानसिक, आर्थिक सुख-शांति देगा। घर में खुशियां देगा।
उपाय- सूर्य आराधना करें। आदित्यह्रदय स्त्रोत का पाठ करें। कंबल दान करें।

मीन- उदर संबंधी तकलीफ दे सकता है। परिवार से तालमेल में कमी करा सकता है।
उपाय- लाल चंदन का दान करें, आदित्य-स्त्रोत का पाठ करें।

Thursday, January 12, 2012

रितिक रोशन

जन्म : 10 जनवरी 1974, मुंबई


रितिक रोशन का जन्म आश्लेषा नक्षत्र में हुआ है, यह मध्यम वर्ग से उच्च वर्ग की ओर ले जाता है। रितिक के जन्म के समय सूर्य की स्थिति के प्रभाव से वह उच्च स्थान पर पहुंचेगे। मंगल के कारण रितिक अपने अभिनय में माहिर है एवं मंगल ही उच्च सम्मान दिलाएगा।

रितिक रोशन के जन्म के समय बुध धनु राशि पर विराजमान था, यह गुरु की राशि है। उसके प्रभाव से आज रितिक विख्यात है तथा विश्व में प्रसिद्धि के उच्च स्तर पर पहुंचेगे। कुंडली में गुरु की स्थिति मिलनसार स्वभाव का बनाती है। सभी का मन अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता प्रदान करती है। शुक्र उन्हें सुंदर बनाता है। ऐसे जातक को सभी का सहयोग प्राप्त होता है। शनि के प्रभाव से रितिक अन्य कलाकारों से अलग हटकर स्थान बनाते हैं। शनि अपनी छाप छोड़ने की योग्यता भी प्रदान करता है ।

राहु एवं केतु स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ दे सकते हैं। अत: ध्यान रखना चाहिए। रितिक का जन्म बुध की महादशा में हुआ है। जिसका भोग्यकाल 15 वर्ष 11 माह 4 दिन रहा। वर्तमान में शुक्र की महादशा चल रही है, जो कि 14-12-1996 से प्रारंभ हो गई एवं 14-12-2016 तक रहेगी। शुक्र की महादशा में वर्तमान में शनि की अंतर्दशा चल रही है, जो 14-10-2009 से 14-12-2012 तक रहेगी। उसके बाद बुध की अंतर्दशा 14-10-2015 तक रहेगी। बुध के बाद केतु की अंतर्दशा 14-12-2016 तक रहेगी। आपको नवग्रह की शांति अवश्य कराना चाहिए।

Hrithik Roshan, Happy Birthday
पत्रिका के अनुसार आपके लिए फरवरी 2012 मध्यम रहेगा। मार्च एवं अप्रैल श्रेष्ठ रहेंगे। इस दौरान बड़े ऑफर आएंगे। मई में कोई परेशानी अचानक सामने आ सकती है। जून एवं जुलाई सामान्य रहेगा। अगस्त श्रेष्ठ रहेगा। सितंबर-अक्टूबर जीवन में नया मोड़ ला सकता है। आंतरिक एवं बाहरी दोनों क्षेत्रों में लाभ मिलेगा। नवंबर भी श्रेष्‍ठ रहेगा। दिसंबर सामान्य बीतेगा। जनवरी 2013 आपको परेशानी में डाल सकता है। अत: सावधानी रखें।

रितिक के लिए दिनांक 2, 7 एवं 12 ठीक नहीं है। उन्हे सफेद कलर का रुमाल हमेशा साथ रखना चाहिए। पुखराज, पन्ना एवं मूंगा रत्न का संयुक्त लॉकेट धारण करना शुभ रहेगा।

Saturday, January 7, 2012

2012 january क्या कहती है ,आपकी राशी

-मेष : मेष राशि वालों जातकों के लिए यह माह शुभ कार्य में सफलतादायक रहेगा। धनागमन बना रहेगा। राजनेता को लाभ मिलेगा। शत्रु पक्ष से संभल कर रहें, हानि के योग है। शारीरिक कष्ट रहेगा। पुराने विवादों से छुटकारा मिलेगा। नौकरी में उन्नति होगी। कृषि सामान्य रहेगी। दिनांक 1, 18 शुभ है। 20 अशुभ है। कृष्‍ण आराधना करें।

वृषभ : वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह लंबी यात्रा वाला रहेगा। परिवार से सहयोग मिलेगा। घर में मांगलिक कार्य के योग है। विद्यार्थियों का भाग्य उदय होगा। पुराने मित्रों से मिलन होगा। व्यापारी खुश रहेंगे। कृषि लाभप्रद रहेगी। बहन पक्ष में कष्ट के योग। दिनांक 10, 19 शुभ, 28 अशुभ है। राधाकृष्ण की स्तुति करें।

मिथुन : मिथुन राशि वाले जात‍कों के लिए यह माह जमीन-जायदाद विवाद की समाप्ति वाला रहेगा। पत्नी पक्ष से विवाद की स्थिति बन सकती है। नौकरी वालों के स्थानांतरण के योग है। शारीरिक कष्ट के योग है। व्यापार उचित रहेगा। कृषि लाभ देगी। किसी को बिना सोचे वचन न दें। मुश्किल में फंस सकते हैं। अपने वालों से बचकर रहे। दिनांक 3, 10 शुभ। 18 अशुभ है। दुर्गा आराधना लाभप्रद रहेगी।

कर्क : कर्क राशि वाले जा‍तकों के लिए यह माह सम्मान प्राप्ति वाला रहेगा। अधीनस्थ काम करने वालों से लाभ मिलेगा। यात्रा प्रवास के योग है। नौकरी में अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। दिनांक 9, 28 शुभ है। 8 शुभ है। राम स्तुति लाभप्रद है।

सिंह : सिंह राशि वाले जा‍तकों के लिए यह मांगलिक कार्य वाला रहेगा। वाहन सुख की प्राप्ति के योग है। माता एवं मामा के स्वास्थ्य खराब होने का योग है। ध्यान दें। मानसिक चिंता रहेगी। दोस्तों से सहायता मिलेगी। व्यापार ठीक रहेगा। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते है, ध्यान दें। दिनांक 9, 15 शुभ। 13 अशुभ। शिवशक्ति की आराधना लाभप्रद है।

कन्या : कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह राजनैतिक लाभ वाला रहेगा। विद्यार्थियों के लिए यह माह विकास वाला रहेगा। शत्रु पक्ष से हानि हो सकती है। साथ ही कुटुंब से विवाद हो सकता है। दिनांक 9, 14 शुभ एवं 22 अशुभ है। विष्णु आराधना लाभप्रद है।

तुला : तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह नौकरी में पदोन्नति एवं लाभ वाला रहेगा। राज्य से सम्मान मिलेगा। पत्नी से लाभ प्राप्त होगा। कुसंगति न हो जाए ध्यान रखें। कष्ट के योग बनते हैं। बड़ों (माता-पिता) की चिंता रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। पुराने मित्र से मिलन होगा। कृषि लाभप्रद रहेगी। पुराने दुश्मन से अचानक मुलाकात हो सकती है। भाई से सहयोग प्राप्त होगा। दिनांक 8, 17 शुभ। 9 अशुभ है। कृष्ण भक्ति लाभप्रद है।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह भूमि-भवन से लाभ वाला रहेगा। कोर्ट-कचहरी एवं अन्य कानूनी विवाद समाप्त हो जाएगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंताजनक स्थिति रहेगी। पत्नी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार अच्छा चलेगा। नौकरी सामान्य रहेगी। कृषि लाभप्रद है। किसी स्त्री से विवाद के योग बनते हैं। दिनांक 11, 28 शुभ। 15 अशुभ। राधाकृष्ण की भक्ति लाभप्रद रहेगी।

धनु : धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह संतान की उन्नति वाला रहेगा। इस माह यात्रा में व्यय होगा। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि हानि दे सकती है। नौकरी में अधिकारी का ध्यान रखें। कार्य में अवरोध आ सकता है। स्वास्थ्य में ह्रदय संबंधी तकलीफ हो सकती है। पूर्ण ध्यान दें। ‍दिनांक 1, 17 शुभ। 28 अशुभ है। शिवशक्ति की आराधना लाभप्रद है।

मकर : मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्यों वाला रहेगा। भूमि-भवन से संबंधित विवाद समाप्त होंगे। कुटुंब परिवार में प्रसन्नता रहेगी। वाहन खरीदने के योग है। मांगलिक यात्रा के योग बनते है। मातृ पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा। कृषि ठीक रहेगी। व्यापार मध्यम रहेगा। नौकरी में अधिकारी खुश रहेंगे। बहन के पक्ष का ध्यान रखें। दिनांक 6, 18 शुभ है। 5 अशुभ। राम भक्ति लाभप्रद है।

कुंभ : कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह वाहन क्रय-विक्रय में लाभ वाला रहेगा। कोर्ट-कचहरी संबंधी खर्च हो सकता है। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि लाभप्रद है। नौकरी में पदोन्नति का मौका मिलेगा। प‍त्नी से सहयोग प्राप्त होगा। माता-पिता को कष्ट के योग है। दिनांक 3,13 शुभ। 17 अशुभ है। राधाकृष्‍ण की भक्ति लाभप्रद है।

मीन : मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह यात्रा वाला रहेगा। धर्म के प्रति नास्तिकता का प्रभाव रहेगा। कुसंग के योग है, ध्यान दें। शारीरिक कष्ट रहेगा। झगड़ों में वृद्धि के योग बनते हैं। ध्यान रखें। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि सामान्य रहेगी। नौकरी में उन्नति होगी। दिनांक 4, 15 शुभ है। 19 अशुभ। विष्णु आराधना लाभप्रद है।