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Monday, May 7, 2012

गुरु का वृषभ राशी में परिभ्रमण

 वर्तमान में गुरु मेष राशि में परिभ्रमण कर रहा है,१३ मई २०१२ को गुरु अपनी राशि बदलकर मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करेगा! अर्थात गुरु 
वृषभ राशि में परिभ्रमण करेगा! इस राशि में परिभ्रमण करने पर गुरु पृथ्वी के जीवो पर, प्रकृति पर, व्यापार पर, राजनिति पर देश में हलचल पर क्या प्रभाव डालता है! जानिये!
गुरु वृषभ राशि में परिभ्रमण करेगा, इसके फलस्वरूप सभी अनाज सस्ते होंगे! पूर्व में सुख की वृध्दि होगी! नेताओं की वुध्दी अच्छी रहेगी!  घी,तेल
मोती,मूँग,नमक,लाल वस्तुए,लाल वस्त्र एवं नारियल सस्ते होंगे! स्त्री  जाति पर पीड़ा रहेगी, कई प्रकार के रोग से तकलीफ बढ़ेगी,जानवरों में हाथी,
घोड़े,गधो को तकलीफ ( कष्ट ) रहेगी! मोर पर भी कष्ट आएगा! उत्तर में अनावृष्टि तथा कई जगह पानी की कमी रहेगी! जुलाई अगस्त में गेहू,चावल,
उड़द,तिल,चना एवं मूँग महंगे होंगे! मई में वर्षा के योग बनेंगे,राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में घी एवं तेल के भाव बढ़ेंगे!  इस क्षेत्र में धान के भाव में भी
उछाल आएगा! धातु  से सम्बन्धित वस्तु सस्ती होगी, मूंगफली के भाव में तेजी आएगी, मालवा एवं नागपुर में अनाज के भाव में अन्य जगह से तेजी रहेगी ! राजनैतिक गति के कारण प्रजा को कष्ट रहेगा! जुलाई,अगस्त में वर्षा अच्छी रहेगी,सितम्बर में वर्षा कम रहेगी! इन महीनो में घी,दूध की
कमी हो सकती है!

Thursday, May 3, 2012

मई 2012 : क्या कहती है आपकी राशि



मेष- (चु, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
मेष राशि वाले जातक के लिए यह माह सफलता वाला रहेगा। घर में कोई मांगलिक कार्य होगा। धन प्राप्त करने में थोड़ी‍ परेशानी आएगी। स्त्री पक्ष से विवाद के योग बनते हैं। स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। दिनांक 3, 18 शुभ है, 7 अशुभ है। श्रीकृष्ण की भक्ति फायदेमंद है।

वृषभ- (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह कोर्ट-कचहरी में सफलता वाले रहेंगे। धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थी को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। स्त्री पीड़ा के योग हैं। व्यापार अच्छा रहेगा। कृषि लाभप्रद है। नौकरी सामान्य बनी रहेगी। दिनांक 5, 14 शुभ हैं। शिवशक्ति आराधना शुभ है।

मिथुन- (का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा)
मिथुन राशि वाले जातकों के लिए यह माह पारिवारिक सुख वाला रहेगा। विद्यार्थी को शिक्षा एवं नौकरी पाने में सफलता मिलेगी। पत्नी से लाभ मिलेगा। कार्य में सफलता मिलेगी, परंतु शत्रुओं का भय बना रहेगा। कृषि मध्यम लाभ पहुंचाएगी। व्यापार सामान्य रहेगा। नौकरी में अधिकारी नाराज हो सकते हैं। ध्यान दें। दिनांक 15, 26 शुभ हैं। 3 अशुभ है। रामरक्षा स्तोत्र लाभप्रद रहेगा।

कर्क- (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कर्क रा‍शि वाले जातकों के लिए यह माह भूमि से लाभ वाला रहेगा। नौकरी एवं राजनीति में अधिकारियों से लाभ मिलेगा। किसी विशेष कार्य पर खर्च होगा। विद्यार्थियों को रुकावट आ सकती है। किसी पुराने मित्र से मिलन होगा। कृषि लाभदायक रहेगी। व्यापार वृद्धि होगी। स्त्री से नुकसान हो सकता है, सावधानी बरतें। दिनांक 9, 18 शुभ है, 6 अशुभ है। शिव आराधना लाभप्रद है।

सिंह- (मा, मी, मू, मे, मो, टो, टी, टू, टे)
सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह माह पराक्रम में वृद्धि वाला रहेगा। मांगलिक कार्य पूर्ण होंगे। माता-पिता को कष्ट के योग बनते हैं, ध्यान दें। भूमि संबंधी विवाद से हानि हो सकती है। धार्मिक या सामाजिक यात्रा के योग हैं। किसी ‍भी व्यक्ति के कहने में आकर गलत कार्य न करें। व्यापार अच्‍छा रहेगा। कृषि में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेगा। दिनांक 11, 22 शुभ है, 20 अशुभ है। बिष्णुजी की आराधना करना लाभप्रद है।

कन्या- (टो, पा, पी, पु, ष, ण, ठ, पे, पो)

कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह संतान सुख वाला रहेगा। बेरोजगार को नौकरी प्राप्त होगी। विद्यार्थी परीक्षा में सफल होंगे। पत्नी को कष्ट के योग हैं, ध्‍यान रखें। पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई से सहयोग प्राप्त होगा। पड़ोसी से वाद‍-विवाद के योग बनते हैं, सावधानी से कार्य लें। किसी रिश्तेदार से मुलाकात लाभप्रद वाली होगी। व्यापार शुभ रहेगा। कृष‍ि मध्यम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति होगी। दिनांक 1, 12, 18 शुभ है। 23 अशुभ है। राधा-कृष्ण की भक्ति लाभ पहुंचाएगी।

तुला (रा, री, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
तुला राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार वृद्धि वाला रहेगा। अविवाहित जातक का विवाह तय होगा। न्यायालय संबंधी कार्य में सफलता मिलेगी। व्यर्थ व्यय होने के योग हैं। माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा। कृषि मध्यम रहेगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न होंगे। किसी नारी से हानि के योग बनते हैं। दिनांक 18, 25 शुभ है, 26 अशुभ है। शिवशक्ति की आराधना लाभप्रद रहेगी।

वृश्चिक- (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह स्थान परिवर्तन वाला रहेगा। विद्यार्थी को शिक्षा में बाधा आ सकती है। विवाह कार्य में सफलता मिलेगी। मानसिक व्यग्रता में वृद्धि होगी। यात्रा यदि जरूरी न हो तो न करें, हानि के योग हैं। शरीर कष्ट के योग हैं। किसी भी मित्र का सहयोग मिलेगा। नारी के जीवन में आने से उथल-पुथल होगी। किसी के बहकावे में न आएं। दिनांक 4, 16 शुभ हैं। 20 अशुभ है। राम-सीता की आराधना करें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भु, भू, धा, फा, ढा, भे)
धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह राजनीतिक लाभ वाला रहेगा। कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। संतान पक्ष से लाभ प्राप्त होगा। किसी रिश्तेदार से मतभेद के योग बनते हैं। मित्र के साथ मिलकर कार्य में नया मोड़ आएगा। माता-पिता की धार्मिक यात्रा के योग बनते हैं। कृषि लाभ देगी। नौकरी सामान्य रहेगी। दिनांक 10, 28 शुभ है, 19 अशुभ है। राधाकृष्ण की आराधना लाभप्रद रहेगी।

मकर- (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
मकर राशि वाले जातकों के लिए यह माह व्यापार लाभ वाला रहेगा। पारिवारिक कलह के योग बनते हैं। यात्रा पूर्ण विचार करके करें, हानि के योग बनते हैं। खर्च में कमी आएगी। बहन से सहयोग प्राप्त होगा। गलत संगति न करें, कष्ट आ सकता है। नौकरी में अफसर खुश रहेंगे। कृषि मध्यम रहेगी। बेचैनी बनी रहेगी। दिनांक 5, 15 शुभ है। माता दुर्गा की आराधना लाभप्रद रहेगी।

कुंभ- (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, ढा)
कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह धार्मिक यात्रा वाला रहेगा एवं यात्रा से लाभ मिलेगा। न्यायालय संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी। घर में मांगलिक कार्य के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा। कृषि में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न होंगे। तीर्थ में अच्‍छे संत से मुलाकात होगी। पिता को खुश करें। जीवन में उन्नति होगी। व्यापारिक सहयोग मिलेगा। दिनांक 1, 14 शुभ है, 21 अशुभ है। हनुमान चालीसा लाभप्रद है।

मीन- (दी, दू, झ, स, दे, दो, चा, ची)
मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह नौकरी में उन्नति वाला रहेगा। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि लाभप्रद रहेगी। स्वयं के वाहन से यात्रा न करें। पारिवारिक कलह के योग बनते हैं। स्वास्थ्य नरम-गरम हो सकता है। नेत्र संबंधी पीड़ा का योग है। किसी मित्र से अचानक लाभ मिलेगा। भाई को कष्ट के योग बनते हैं। ईष्ट कामना पूर्ण होने के योग बनते हैं। दिनांक 7,14 शुभ है। 18 अशुभ है। रामरक्षा स्तोत्र का पाठ लाभप्रद रहेगा।

Tuesday, May 1, 2012

मई 2012 : ज्योतिष की नजर से


- सुरेंद्र बिल्लौरे

ग्रहों का परिभ्रमण एवं राशि परिवर्तन पृथ्वी के जीवों पर क्या प्रभाव डालता है, देखिए एक नजर :-

मई 2012 में मंगल का परिभ्रमण सिंह राशि पर चल रहा है, यह स्थिति सोना-चांदी के भाव को उच्च बनाकर रखेगी। इनकी दृष्टि के कारण हल्का उतार भी आ सकता है। लाल वस्तुओं का भाव भी अच्छा रहेगा।

बुध का मेष राशि में परिभ्रमण रहने से स्वर्ण के भाव समान बने रहने के योग बनते हैं। बुध की स्थिति से पशुओं पर विपत्ति, कष्ट आएगा। सूर्य का मेष राशि में परिभ्रमण पूर्व के देशों में सुख-शांति देगा। पश्चिम के देशों में आपत्ति एवं विद्रोह का भय रहेगा। दक्षिण के देशों में दुर्भिक्ष का भय रहेगा। उत्तर के देशों में अशांति बनी रहेगी, साथ ही युद्ध की आशंका रहेगी।

इस माह शुक्र का परिभ्रमण लोगों को सुख-शांति प्रदान करेगा। शनि भी सामान्य फल दे रहा है। मई माह में गुरु की राशि का परिवर्तन होना अर्थात् गुरु मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे स्त्रियों पर कष्ट आएंगे, नाना प्रकार की ‍पीड़ाएं एवं रोग उत्पन्न होने का भय रहेगा।

पशु-पक्षियों पर जैसे हाथी, घोड़े, गधे इन पर भी पीड़ा आएगी। अच्छे परिणाम स्वरूप अनाज सस्ता होगा। सूर्य का भी राशि परिवर्तन कर वृषभ राशि में प्रवेश करने से दक्षिण के देशों में सुख-शांति होगी, उत्तर तथा पश्चिम के देशों में पीड़ा रहेगी। पूर्व के देशों में पीड़ा, युद्ध का भय एवं अशांति रहेगी।

बुध राशि परिवर्तन कर वृषभ राशि में परिभ्रमण करेंगे इससे पृथ्वी पर सर्वत्र अशांति व कलह होगा। शुक्र का परिभ्रमण (वृषभ राशि में) लोगों को सुख-शांति प्रदान करेगा। शुक्र, बुध, सूर्य, गुरु एवं केतु सभी का एक ही राशि (वृषभ राशि में) में परिभ्रमण करने से पंचग्रही योग बन रहा है, जिससे रक्तपात, आतंकवाद एवं कहीं-कहीं जलप्लावन एवं वायु दुर्घटना होगी।

इस माह की कुंडली को आकाशीय दृष्टि से देखे, तो शुक्र-सूर्य-बुध एक साथ होने से एवं वायु-दहन सप्तनाड़ी में स्थित होने से तेज गर्मी के साथ-साथ तेज गर्म हवा से लोग व्याकुल होंगे। शुक्र का स्वराशि में स्थित होने से कहीं-कहीं बादल की चाल के साथ बूंदाबांदी भी होगी। इस दौरान दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड के मैदानी भागों में लोग गर्मी से व्याकुल होंगे।

Friday, April 27, 2012

ध्दाद्श राशियों पर शनि का प्रभाव

ध्दाद्श राशियों पर शनि का प्रभाव --> वर्तमान में शनि तुला राशि पर  परिभ्रमण कर रहें है! इस राशि पर शनि का परिभ्रमण ध्दाद्श राशियों पर क्या
प्रभाव डालता है, जानिये !
मेष --> मेष राशि वाले जातको का सोंदर्य पर विशेष खर्च होगा,माता पक्ष को विशेष सुख मिलेगा, स्वास्थ्य का ध्यान रखे, रोग की सम्भावना बनती है!
वृषभ --> इस राशि वाले जातको के लिए शनि परेशानी वाला रहेगा, शत्रु पक्ष प्रबल होंगे,चोट की सम्भावना बनती है! ध्यान से हर कार्य करे!
मिथुन--> इस राशि वाली जातको को शनि अचानक लाभ दे सकता है,नोकारी वालो की उन्नति होगी,भाई से सुख प्राप्त होगा, स्वास्थ्य की परेशानी रहेगी!
कर्क--> इस राशि वाले जातको को शनि व्यापार में सफलता देगा,माता का पक्ष  सुखी होगा, यात्रा के योग बनेगे, संगति का ध्यान रखे,गलत कार्य में नुकसान होगा!
सिहं -->इस राशि वाले जातको शनि सुख प्रदान करेगा, पत्नि पक्ष से लाभ प्राप्त होगा, संगति का ध्यान रखे!
कन्या-->इस राशि वाले जातको के लिए शनि सुख-सम्रध्दी में वृध्दि देगा, व्यापार से लाभ मिलेगा, भाई की स्थिति में सुधर होगा!
तुला--> इस राशि वाले जातको को शनि थोड़ी परेशानी देगा, व्यर्थ के कामो में धन का व्यय होगा, शत्रु पक्ष नुकसान कर सकता है, बिधार्थी को
सफलता मिलेगी!
वृश्चिक --> इस राशि वाले जातको को शनि उच्च शिक्षा में सफलता दिलाएगा, पत्नि पक्ष से लाभ मिलेगा, भाई को सुख प्राप्त होगा, नॉकरी में उन्नति होगी!
धनु --> इस राशि वाले जातको को शनि तरक्की दे सकता है, पिता को विशेष लाभ मिलेगा,आपका कुटुंब पर विशेष खर्च होग, माता को कष्ट हो सकता है!
मकर --> इस राशि वाले जातको को शनि धर्म में आस्था जगायेगा, भाई  से सहायता मिलेगी, किसी से भूमि सम्बन्धी विवाद हो सकते है,
व्यय अधिक होगा!
कुम्भ --> इस राशि वाले जातको को शनि थोड़ा परेशान करेगा,व्यापार में परेशानी होगी, शिक्षा के कार्य में परेशानी आएगी,शत्रु का भय रहेगा,
फालतू खर्च होगा, यात्रा के योग बनेगे!
मीन --> इस राशि वाले जातको को शनि मिश्रित फल देगा, घर में मांगलिक कार्य होंगे,दाम्पत्य जीवन में परेशानी आ सकती है, कोर्ट कचहरी
में खर्च हो सकता है, शारीरिक विकार के योग बन सकते है!
शनि से जिनको विपरीत असर हो,वह जातक निम्न उपाय करे!
काला कपड़ा,उड़द की दाल, लोहा,सरसों का तेल,काला फुल का दान शुभ प्रभावकारी होगा!  ये नही कर सके तो,शिव जी को ताम्बे का नाग चढ़ाना भी लाभ देता है!
ये मन्त्र का जाप करने से भी लाभ मिलेगा!---मन्त्र --> शं शानैस्चराव नम:






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Thursday, April 26, 2012

baishak ki purnima pr tirth snan krne pr svrg ki prapti hoti hai.

Monday, April 23, 2012

शादी के दिन राशी अनुसार करे पूजन

सुरेंद्र बिल्लौरे-->  शादी के दिन राशी अनुसार करे पूजन 

अक्षय तृतीया हिन्दू धर्मानुसार (हिन्दी पंचांग) वैशाख शुक्ल पक्ष 3 तीज के दिन आती है। वैवाहिक मुहूर्त के हिसाब से यह एक ऐसी तिथि है, जिसमें बिना मुहूर्त के भी जातक की शादी इस दिन की जा सकती है। इस बार अक्षय तृतीया मंगलवार, 24 अप्रैल 2012 को आ रही है। इस दिन जिनका विवाह है, वह जातक क्या करें या किस देवी-देवता का पूजन करें, ताकि उनके गृहस्थ जीवन में सुख, शांति व वैभव बना रहे। आइए जा‍नते हैं : -

मेष- इस राशि वाले जातक भगवान गणेशजी के दर्शन करें एवं 'गं गणपतये नम:' की 9 माला करें।

वृषभ- इस राशि वाले जातक कन्या का पूजन करें एवं दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

मिथुन- इस राशि वाले जातक शि‍वशक्ति की आराधना करें।

कर्क- इस राशि वाले जातक गुरु के दर्शन करें एवं शिवाष्टक या शिव चालीसा करें।

सिंह- इस राशि वाले जातक प्रात: सूर्य दर्शन करें एवं आदित्यह्रदयस्तोत्रम का पाठ करें।

कन्या- इस राशि वाले जातक माताजी (दुर्गा) के दर्शन करें एव गणेश चालीसा करें।

तुला- इस राशि वाले जातक राधाकृष्ण के दर्शन करें एवं कृष्णाष्टक या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' की माला करें।

वृश्चिक- इस राशि वाले जातक शिवजी के दर्शन करें एवं शिव के द्वादश नाम का उच्चारण करें (बारह ज्योतिर्लिंग का नाम उच्चारण करें)।

धनु- इस राशि वाले जातक दत्त भगवान के दर्शन करें एवं गुरु का पाठ करें।

मकर- इस राशि वाले जातक हनुमानजी के दर्शन करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ करें।

कुंभ- इस राशि वाले जातक राम-सीता के दर्शन करें एवं रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

मीन- इस राशि वाले जातक श्री गणेश या सांईं बाबा के दर्शन करें एवं 'बृं बृहस्पते नम:' की 9 माला करें।

उक्त उपाय करने से आपके दांपत्य जीवन में खुशियों की बगिया खिली रहेगी।

Wednesday, April 18, 2012

तिथि के अनुसार आहार-बिहार --

तिथि के अनुसार आहार-बिहार --> प्रत्येक जीव को भोजन की आवश्यकता होती है, मनुष्य बुध्दिजीवी प्राणी 
है! वह हमेशा स्वस्थ एवं आनन्दमय जीवन जीना चाहता है! हमेशा स्वस्थ एवं आनन्द वाले जीवन के लिए 
किस दिन वस्तु का भोजन में परित्याग करे जिससे आप अच्छा जीवन जी सके जानिए!
 उपरोक्त लेख में आपने ध्दाद्शी तक आहार बिहार देखा, आगे देखे और क्या आहार बिहार होना चाहिए!
१.--> तेरस के दिन बैगन खाना निषिध्द है, उपरोक्त वताये गये, नियम ( एकादशी,ध्दाद्शी, तेरस ) को न पालन 
करने से पुत्र का नाश होता है!
२.--> अमावस्या,पूर्णिमा,संक्रांति चतुर्दशी और अष्टमी,रविवार,श्राध्द एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास तथा तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना निषिध्द है!
विशेष--> रविवार के दिन अदरक भी नही खाना चाहिए! 
१.--> कार्तिक मास में बैगन और माघ मास में मुली का त्याग करना चाहिए!
२.--> अंजलि से या खड़े होकर जल नही पीना चाहिए! 
३. जो भोजन लड़ाई-झगड़े करके बनाया गया हो, जिस भोजन को किसी ने लांग  दिया हो, जी खाने को एम् 
सी वाली स्त्री ने छू लिया हो, वः भोजन नही करना चाहिए! क्योकि वह भोजन राक्षस भोजन होता है!
४.--> लक्ष्मी प्राप्त करने वाले को रत में दही और सत्तू नही खाना चाहिए! यह नरक की प्राप्ति करता है!
 

Wednesday, April 11, 2012

vastu se kre grh nirman

वास्तु से करे ग्रह निर्माण :-  प्रत्येक  परिवार की पहली आवश्यकता होती है, अपना स्वयं का घर! मध्यमवर्ग इस सपने को सजोने के लिए जीवन भर संघर्ष करता है! जिस समय यह सपना सच होने जा रहा हो,तो हमे वह घर पूर्ण रूप से समृध्दी दे ,इसका ध्यान रखते हुए वास्तु से करे ग्रह निर्माण!
           भूमि पर ग्रह निर्माण करते समय यह ध्यान रखे की भूमि (प्लाट) के अग्नि कोण मे पाक ग्रह (रसोई ग्रह ),दक्षिण मे शयन ग्रह नेर्यत्त्र कोण मे अस्त्र शस्त्रागार पश्चिम मे भोजन करने का ग्रह , वायव्य कोण मे धन रखने का ग्रह ,ईशान मे देवालय एवं उत्तर मे जल रखने का ग्रह ,उत्तरपूर्व के  मध्य बाथरूम होना चाहिए !दूध, दही ,घी ,सिरका,आचार का स्थान पाकशाला मे या पाकशाला के बगल मे होना चाहिए! श्रृंगार एवं औषधि सामग्री शयन ग्रह के बगल मे होना चाहिए !विद्यार्थी के पढने का कमरा देवालय के बगल मे होना चाहिए !घर के पास बड़,पीपल ,इमली ,कैथ ,निम्बू ,कांटे वाले एवं दूध वाले वृक्ष नै होना चाहिए! इनके होने से धन की हानि होती है! विशेषकर घर के दक्षिण और पश्चिम  भाग मे इनका होना निश्चित है!
             कुआ एवं जल  का स्थान मुख्य ध्दार से पूर्व ईशान ,उत्तर अथवा पश्चिम मे होने से धन प्राप्त होता है !
सोभाग्य  में बढ़ोत्री होती है! अग्निकोण में सन्तान हानि, दक्षिण में ग्रहिणी नाश, नेरत्य कोण में ग्रह मालिक का नाश एवं वायु कोण में भय, चिंता बनी रहती है!
भवन में स्तम्भ लगाना पड़ते है, अत:स्तम्भ लगाने की आवश्यकता हो, तो स्तम्भ सम संख्या में लगवाना चाहिए!इनकी संख्या यदि विषम हो, तो अशुभ फल देते है!
पूर्ण रूप से उपरोक्त विधि को ध्यान में रखते हुए भवन निर्माण करने से घर में सुख समृध्दी यश, वैभव शांति प्राप्त होती है!

Tuesday, April 10, 2012

यात्रा के पहले विचार

यात्रा के पहले विचार  ->हम जब भी यात्रा रपर निकलते है,तो मन में  उमंगता, उत्साह रहता है!एवं यह विचार रहता है, कि यात्रा में अत्यधिक आनन्द लेंगे!यदि किसी अच्छे कार्य के लिए जा रहे हो, तो मन में यह विचार
रहता है,कि हमारा कार्य सफल हो! यात्रा में कार्य सफल करने के लिए यात्रा से  पहले करे कुछ प्रयोग !
यात्रा में जाते समय क्या पहनकर जाये एवं क्या खाकर जाये!
रविवार को नीला वस्त्र पहने एवं  मिश्री ओर पान खाकर जाये !
सोमवार को हरा वस्त्र पहने एवं खीर खाकर जाये!
मंगलवार को लाल वस्त्र पहने एवं धनिया खाकर जाये!
बुधवार को पीला वस्त्र पहने एवं मिठाई खाकर जाये!
गुरुवार को सफ़ेद वस्त्र पहने एवं दही खाकर जाये!
शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहने एवं माखन या दूध पीकर जाये!
शनिवार को काला वस्त्र पहने एवं तिल खाकर जाये!   
! इसी के साथ अपने कुलदेवता एवं इष्ट देवता का स्मरण
करके निकले ! उपरोक्त प्रयोग करके जाने से  अवश्य सफलता मिलेगी!

Saturday, April 7, 2012

अप्रैल 2012 : क्या कहती है आपकी राशि

- सुरेंद्र बिल्लौरे
ND

मेष :
मेष राशि वाले जातकों के लिए यह माह धार्मिक कार्यों वाला रहेगा। स्त्री पक्ष के वर्चस्व में वृद्धि होगी। वाहन सावधानी से चलाएं। दुर्घटना का योग बनता है। यात्रा से हानि के योग बनते हैं। पुराने मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार अच्छा रहेगा। नौकरी में अधिकारी से सामंजस्य बिठाकर चले। कृषि लाभ देगी। दिनांक 4, 16 शुभ। 21 अशुभ है। देव‍ी आराधना लाभप्रद रहेगी।

वृषभ :
वृषभ राशि वाले जातकों के लिए अप्रैल का माह व्यापार में लाभ वाला रहेगा। संतान पर विशेष खर्च होगा। पत्नी को पीड़ा के योग है। शत्रु पक्ष की हार होगी। कृषि मध्यम रहेगी। उन्नति के मार्ग खुलेंगे। ससुराल पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा। किसी के बहकावे में न आए, हानि हो सकती है। दिनांक 5, 25 शुभ है। 6 अशुभ। राम स्तुति लाभप्रद है।

मिथुन :
मिथुन राशि वाले जातकों के लिए यह माह सम्मान प्राप्ति वाला रहेगा। व्यापार में लाभ होगा। कृषि सामान्य लाभ देगी। नौकरी में उन्नति के योग है। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। संतान को कष्ट के योग है। रिश्तेदार से सहयोग प्राप्त होगा। किसी मित्र से अनबन के योग है। पर्यटन स्थल के योग है। दिनांक 6, 12 शुभ। 8 अशुभ है। शिव शक्ति की आराधना करें।

कर्क :
ND
कर्क राशि वाले जातकों के लिए यह माह भूमि संबंधी लाभ वाला रहेगा। विद्यार्थी को परेशानी रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। बहन पक्ष को कष्ट के योग बनते हैं। माता-पिता को मानसिक कष्ट रहेगा। सामाजिक गतिविधियों में सम्मान बढ़ेगा। दिनांक 12, 30 शुभ है। 3 अशुभ है।

सिंह :
सिंह राशि वालों के लिए यह माह पराक्रम वृद्धि से लाभ वाला रहेगा। पत्नी पक्ष का लाभ मिलेगा। कृषि सामान्य रहेगी। व्यापार लाभ प्रदान करेगा। नौकरी में उन्नति होगी। परिवार से सहयोग प्राप्त होगा। अनजान व्यक्ति से दोस्ती‍ के योग बनते है। स्त्री से हानि के योग बनते है। दिनांक 10, 28 शुभ है। 14 अशुभ है। श्रीकृष्ण की आराधना करें।

कन्या :
कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह पराक्रम से लाभ वाला रहेगा। शिक्षा में उन्नति होगी। नौकरी में स्थानांतरण के योग बनते है। व्यापार ठीक रहेगा। कृषि लाभप्रद रहेगी। गलत‍ दिशा में लगाव की संभावना बनती है। ध्यान रखें। शत्रु पक्ष से सावधान रहे। भाई से सहयोग प्राप्त होगा। मामा पक्ष को कष्ट के योग बनते है। दिनांक 8, 14 शुभ है। दिनांक 18 अशुभ। दुर्गा आराधना करें।

तुला :
तुला राशि वाले जातकों के लिए अप्रैल का माह व्यापार में उत्तम लाभ वाला रहेगा। शारीरिक पी‍ड़ा दूर होगी। अविवाहित के संबंध तय होंगे। देश-विदेश यात्रा के प्रबल योग बनते है। किसी मित्र से धोखा हो सकता है, अत: ध्यान रखें। माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा। दिनांक 13, 26 शुभ। 10 अशुभ है। शिव आराधना करें।

वृश्चिक :
वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह मिश्रित फल वाला रहेगा। विद्यार्थी को अच्छा लाभ मिलेगा। व्यर्थ कार्यों पर अधिक खर्च होगा। परिवार या रिश्तेदारी में क्लेश हो सकता है, ध्यान दें। स्वास्थ्य संबंधी पीड़ा रहेगी। व्यापार ठीक रहेगा। नौकरी में तकलीफ आएगी। कृषि मध्यम रहेगी। यात्रा में हानि के योग है। दिनांक 5, 15 शुभ है। 2 अशुभ। लक्ष्मी आराधना शुभ है।

धनु :
धनु राशि वाले जातकों के लिए यह माह अचानक लाभ मिलने वाला रहेगा। राज्य सम्मान के योग बनते हैं। संतान से सुख प्राप्त होगा। स्वास्थ्य गड़बड़ रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को रुकावट आ सकती है। कृषि लाभ मिलेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पत्नी से लाभ मिलेगा। माता-पिता को कष्‍ट के योग बनते हैं। अपना मान-सम्मान समाज में बढ़ता दिखेगा। दिनांक 9, 27 शुभ है। 8 अशुभ। दुर्गा जी की आराधना लाभप्रद है।

मकर :
मकर राशि वाले जातकों के लिए अप्रैल का माह सफलता वाला रहेगा। लेखक एवं कवि के लिए अच्छा लाभ वाला रहेगा। खर्चों में कमी आएगी। व्यापार में उन्नति होगी। कृषि लाभ पहुंचाएगी। नौकरी में स्थानांतरण के योग है। पत्नी को कष्ट के योग बनत‍े हैं। ससुराल पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा। पुराने मित्र से मिलन होगा। तीर्थयात्रा के योग है। दिनांक 7, 16 शुभ। 13 अशुभ है। कृष्ण आराधना लाभप्रद है।

कुंभ :
कुंभ राशि वाले जातकों के लिए यह माह धार्मिक लाभ वाला रहेगा। स्त्री पक्ष से लाभ मिलेगा। व्यापार सामान्य रहेगा। कृषि मध्यम लाभ देगी। नौकरी में सम्मान प्राप्त होगा। अपने आप पर विश्वास रखें। मानसिक सुख मिलेगा। घर पर मांगलिक कार्य के योग है। दिनांक 10, 22 शुभ। 18 अशुभ है।

मीन :
मीन राशि वाले जातकों के लिए यह माह मांगलिक कार्यों वाला रहेगा। व्यापार मध्यम रहेगा। कृषि लाभप्रद है। नौकरी में परेशानी आ सकती है। वाहन एवं यात्रा में नुकसान के योग है। स्वास्थ्य संबंधी पीड़ा रहेगी। माता-पिता को कष्ट आ सकत‍ा है। किसी मित्र से सहयोग प्राप्त होगा। अचानक आया धन हानि दे सकता है। दिनांक 3, 12 शुभ है। 19 अशुभ है। शिव शक्ति की आराधना शुभ है !